जानें क्यों मानवाधिकार और भ्रष्टाचार निवारण संघ के पदाधिकारी हुए गिरफ्तार

    पिंपरी. मिलावटखोरी की शिकायत कर कार्रवाई की धमकी देकर दुकानदार (Shopkeeper) से 25 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का मामला पिंपरी-चिंचवड़ (Pimpri-Chinchwad) में सामने आया है। इस मामले में मानवाधिकार और भ्रष्टाचार निवारण संगठन के पदाधिकारियों को वाकड पुलिस (Wakad Police) ने हिरासत में लिया है। इसमें चौंकानेवाली बात यह है कि ये सभी आरोपी पदाधिकारी उस दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस को अपने साथ लेकर गए थे। जब दुकानदार ने सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) दिखाए तब यह पूरा मामला सामने आया और आरोपियों का दांव उन्हीं पर पलट गया। इस मामले में एक महिला समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 10 सितंबर की रात 7 बजे से रात साढ़े 9 बजे के बीच रहाटनी स्थित रामनगर के बालाजी ट्रेडर्स नामक दुकान में घटी। इसमें आरोपियों ने मिलावटखोरी की शिकायत कर दुकानदार के भाई को 10 वर्ष के लिए जेल भेजने की धमकी देकर फिरौती की मांग की। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के नाम हेमंत निवगुने, कपिल राक्षे, आदित्य जेधे, तानाजी मस्तूद, किरण घोलप, सतीश केदारी,, ज्योत्स्ना पाटिल है। इस मामले में दुकानदा सुरजराम रूपाराम चौधरी (37) ने वाकड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

    25 लाख रुपए की रंगदारी मांगी

    पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता चौधरी की रहाटनी में मे. बालाजी ट्रेडर्स नामक किराना दुकान है। इस दुकान को उनके भाई संभालते है। आरोपी कोथरुड के रहने वाले है। आरोपियों ने मानवाधिकार और भ्रष्टाचार निवारण संगठन शुरू किया है। शुक्रवार की रात वे चौधरी की दुकान पर आए। उन्होंने कहा कि दुकान की चाय और अन्य सामान नकली और मिलावटी है। आप दुकान में नकली सामान बेचते हो। इसके लिए आपके भाई को 10 साल की जेल हो सकती है। कार्रवाई न करने के लिए उनसे 25 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई। यही नहीं आरोपियों ने उन्हें धमकाकर उनकी जेब से 8500 रुपए भी जबरन निकाल लिए। इसके बाद इन लोगों ने कार्रवाई के लिए पुलिस को बुलाया। छानबीन के दौरान जब दुकानदार ने उन्हें सीसीटीवी फुटेज दिखाए तब पुलिस को असलियत पता चली। इसके बाद पुलिस ने उक्त 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक अनिल लोहार कर रहे है।