Pimpri-Chinchwad Congress

    पिंपरी:  भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बारे में गलत बयान देने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और उसका समर्थन करनेवाले अभिनेता विक्रम गोखले (Vikram Gokhale) की फिल्मों को पिंपरी-चिंचवड़ शहर (Pimpri-Chinchwad City) में कहीं भी स्क्रीनिंग (Screening) नहीं होने दी जाएगी। यह चेतावनी देने के साथ ही पिंपरी-चिंचवड़ कांग्रेस (Pimpri-Chinchwad Congress) के शहराध्यक्ष डॉ. कैलाश कदम (City President Dr. Kailash Kadam) ने यह उपरोधिक मांग की है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास नहीं जानने वाली बचकानी कंगना रनौत के समर्थक विक्रम गोखले को भी केंद्र सरकार द्वारा पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए।  

    डॉ. कैलाश कदम के नेतृत्व ने पिंपरी स्थित भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक चौक में कंगना और विक्रम गोखले की कड़ी निंदा करते हुए उनकी प्रतिमाओं पर कालिख पोत कर जूते बरसाए गए। इस आंदोलन में महाराष्ट्र प्रदेश कॉंग्रेस के सचिव गौतम आरकडे, पर्यावरण विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अशोक मोरे, पिंपरी-चिंचवड युवक कांग्रेस शहराध्यक्ष नरेंद्र बनसोडे, पूर्व  महापौर कविचंद भाट, वरिष्ठ नेता पांडूरंग गडेकर, विजय ओव्हाल, ज्ञानेश्वर मलशेट्टी, हिराचंद जाधव, आबा खराडे, के. एम. रॉय, के. हरि नारायण, इस्माईल संगम, रोहित भाट, विश्वनाथ जगताप, नयन पांलाडे, रोहित तिकोणे, छाया देसले, पूजा बिबवे, कबीर मोहम्मद, हमीद इनामदार, बाबा बनसोडे, बाबा गायसमुद्रे, विशाल सरवदे आदि शामिल हुए। 

    कंगना रनौत ने बेतुके बयान दिए

    इस दौरान डॉ. कैलाश कदम ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया। 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी और उससे पहले हजारों क्रांतिकारियों ने आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दी थी। पिंपरी- चिंचवड़ के चापेकर भाइयों के साथ-साथ क्रांतिवीर सुखदेव, भगत सिंह, राजगुरु जैसे युवाओं ने भारत माता की स्तुति की और अंग्रेजों के अत्याचारी शासन के खिलाफ लड़ते हुए फांसी का रास्ता अपनाया। कंगना रनौत ने ऐसे लाखों क्रांतिकारियों का अपमान करते हुए बेतुके बयान दिए। पिंपरी-चिंचवड़ शहर कांग्रेस ने उनके और उनके समर्थक विक्रम गोखले का विरोध किया। कैलाश कदम के साथ ही आंदोलन में उपस्थित लोगों ने कंगना रनौत और विक्रम गोखले सहित केंद्र सरकार के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया।