Dumping Ground

    भिवंडी: भिवंडी महानगरपालिका (Bhiwandi Municipal Corporation) क्षेत्र के अंतर्गत प्रतिदिन सैकड़ों टन कचरा (Garbage) चाबिंद्रा रामनगर में डाले जाने से बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर नागरिक परेशान हैं। रामनगर रहिवासी क्षेत्र से डंपिंग ग्राउंड (Dumping Ground) हटाने की मांग को लेकर हजारों रहिवासी आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं। डंपिंग ग्राउंड हटाओ संघर्ष समिति के संयोजक अनंता पाटिल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को ज्ञापन देकर डंपिंग ग्राउंड को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की मांग की है। मंत्रालय में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते समय संदीप पाटील, संदेश पाटील, प्रदीप पाटील, देवीदास पाटील, दिलीप पाटील, आशीष पाटील, हेमंत पाटील, तुषार पाटील आदि ग्रामवासी उपस्थित थे।

    गौरतलब है कि भिवंडी महानगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत रहिवासी और पावरलूम क्षेत्रों से भिवंडी में 400 टन गीला और सूखा कचरा चाबिंद्रा रामनगर स्थित सिटी पार्क की आरक्षित भूखंड पर डाला जाने का विरोध स्थानीय नागरिक करीब 13 वर्षों से कर रहे हैं। चाविंद्रा रामनगर स्थित सर्वे क्रमांक 106 पर आरक्षण क्रमांक 115 अनुसार, सिटीपार्क के लिए आरक्षित भूखंड पर अस्थायी रूप से कचरा डाले जाने की शुरुआत महानगरपालिका द्वारा 2008 से की गई है।

    महानगरपालिका ने डंपिंग ग्राउंड का नियोजन नहीं किया

    डंपिंग ग्राउंड पर कचरे का पहाड़ होने के बावजूद भी महानगरपालिका प्रशासन ने डंपिंग ग्राउंड का कोई नियोजन नहीं किया। रामनगर, चबिंद्रा, गायत्री नगर, पोगांव सहित आसपास परिसर में रहने वाले करीब 1 लाख से अधिक लोग कचरे की दुर्गंध से भरी परेशानी झेल रहे हैं। डंपिंग ग्राउंड की वजह से कई बीमारियों से लोग परेशान होकर अस्पताल का चक्कर काटने को विवश हैं। 

    सीएम उद्धव ठाकरे को दिया ज्ञापन

    सूत्रों की माने तो महानगरपालिका प्रशासन ने 2003 में डीपी प्लान में 6.10 हेक्टर जगह सिटी पार्क के लिए आरक्षित की थी, लेकिन  2008 से कचरा डालने की शुरुआत से सिटी पार्क के आरक्षित भूखण्ड का अतिक्रमण होकर अब  5.75 हेक्टर जगह ही शेष बची हुई है। महानगरपालिका द्वारा सिटी पार्क की जगह को डंपिंग ग्राउंड में परिवर्तित कर आरक्षित किए जाने की सूचना भी है। आश्चर्यजनक है कि महानगरपालिका द्वारा मानकोली परिसर में तय डंपिंग ग्राउंड भूखंड पर कचरा नहीं डाल कर सिटी पार्क की जगह पर कचरा डाला जा रहा है जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। अनन्ता पाटील के साथ गए सहयोगी मंडल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को ज्ञापन सौंपकर डंपिंग ग्राउंड अन्यत्र हटाए जाने की मांग की है। मुख्यमंत्री ठाकरे ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए महानगरपालिका प्रशासन द्वारा जरूरी कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है।