डंपिंग ग्राउंड हटाने को लेकर दिवा में आंदोलन

    ठाणे. दिवा डंपिंग ग्राउंड (Diva Dumping Ground) को हटाकर भंडारली परिसर में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव ठाणे महानगरपालिका (Thane Municipal Corporation) द्वारा मंजूर कर लिए जाने के बावजूद किसान (Farmer) और स्थानीय निवासी इसको जल्द से जल्द बन्द कराने पर जोर दे रहे हैं। डंपिंग ग्राउंड में कचरा न डालने को लेकर किसानों और निवासियों ने जोरदार आंदोलन (Protest) किया और कचरा से भरे डंपरों को डंपिंग ग्राउंड में जाने से रोक दिया। शिवसेना शहर प्रमुख और पूर्व उप महापौर रमाकांत मढ़वी ने इस आंदोलन का समर्थन किया है।

    स्थानीय किसान संदीप बबन भोईर के मार्गदर्शन में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिकों ने दिवा डंपिंग ग्राउंड के मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन किया और शहर के विभिन्न भागों से कचरा लेकर आने वाले डंपरों को डंपिंग ग्राउंड में कचरा डालने से रोक दिया। उनकी मांग है कि महानगरपालिका जल्द से जल्द उनकी जमीन से डंपिंग ग्राउंड को हटाकर उनकी जमीन उन्हें वापस करे। 

    डंपिंग को हटाने का निर्णय लिया जा चुका है : रमाकांत मढ़वी 

    बड़ी संख्या में मौजूद स्थानीय निवासियों का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड की वजह से उनका जीना दुश्वार हो गया है, साथ ही अनेक तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस आंदोलन का समर्थन करते हुए पूर्व उप महापौर रमाकांत मढ़वी का कहना है कि दिवा से डंपिंग को हटाने का निर्णय लिया जा चुका है। पालक मंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मार्गदर्शन में दिवा से डंपिंग ग्राउंड को हटाने का वर्षों से प्रयास किया जा रहा है, जो अब सफल हो गया है। विरोधी राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा किए जा रहे विरोध के बावजूद डंपिंग ग्राउंड को दिवा से हटाना शिवसेना का मुख्य लक्ष्य है। 

    हर आंदोलन को शिवसेना का पूर्ण समर्थन 

    जिन किसानों की जमीन डंपिंग ग्राउंड में है,उन्हें अपनी जमीन का सर्वे कराने के लिए कहा गया है,उनकी जमीन मिलनी चाहिए। शिवसेना ने डंपिंग ग्राउंड को हटाने को लेकर दर्जनों बार आंदोलन किया है। डंपिंग ग्राउंड के विरोध में किसानों या स्थानीय लोगों द्वारा किए जाने वाले हर आंदोलन को शिवसेना का पूर्ण समर्थन करती है। रमाकांत मढ़वी ने विधायक राजू पाटिल पर निशाना साधते हुए कहा है कि चुनाव में डंपिंग ग्राउंड को हटाने की मांग करने वाले दोहरी भूमिका निभा रहे हैं। जबकि शिवसेना पिछले कई सालों से डंपिंग ग्राउंड हटाने की मांग लगातार कर रही है। इसके लिए कई बार यहां आंदोलन भी किया गया है,लेकिन जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, कुछ राजनीतिक दल नागरिकों को गुमराह करने का प्रयास करे रहे हैं, जिसको जनता बखूबी जानती है  और समय आने पर उनको सबक सिखाएगी।

    दिवा में डंपिंग ग्राउंड की जगह को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किया गया । कुछ लोगों ने जगह पर अपना मालिकाना हक जताया है। मैंने उन्हें जमीन के मालिकाना हक के कागजात को पेश करने के लिए कहा है। फिलहाल, समझाने से मामला शांत हो गया है।

    -अशोक बुरपुल्ले, उपायुक्त-घन कचरा विभाग, ठाणे महानगरपालिका