solve the problem of Mathadi workers, assures Union Minister Bhupendra Yadav

    नवी मुंबई. माथाडी कामगारों (Mathadi Workers) की समस्याओं के बारे में माथाडी कामगारों के नेता दिल्ली (Delhi) आकर विस्तार से चर्चा कर सकते हैं। माथाडियों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल किया जाएगा। ऐसा आश्वासन केंद्रीय श्रम व पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव (Union Minister Bhupendra Yadav) ने महाराष्ट्र राज्य माथाडी, ट्रान्सपोर्ट व जनरल कामगार यूनियन के पदाधिकारियों को दिया।

    वाशी (Vashi) की एपीएमसी (APMC) स्थित माथाडी भवन में महाराष्ट्र राज्य माथाडी ट्रान्सपोर्ट व जनरल कामगार यूनियन के संस्थापक स्व. अण्णासाहेब पाटिल की 88वीं जयंती का आयोजन किया गया था, जिसमें केंद्रीय मंत्री यादव ने यूनियन के पदाधिकारियों उक्त भरोसा दिलाया। इस समारोह में महाराष्ट्र के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस, यूनियन के महासचिव नरेंद्र पाटिल, राज पुरोहित, विधायक शशिकांत शिंदे, मंदाताई म्हात्रे, प्रसाद लाड, संजय उपाध्याय, माथाडी संघटना के अध्यक्ष एकनाथ जाधव, बाजार समिति के चेयरमैन अशोक डक आदि मौजूद थे। इस समारोह में यूनियन से जुड़े पुराने कामगारों को अतिथियों के हाथों  ‘माथाडी भूषण’ पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

    ई-श्रम पोर्टल से जुड़ने की अपील

    केंद्रीय मंत्री यादव कहा कि असंघटित और असुरक्षित कामगारों के न्याय मिले इसके लिए केंद्र सरकार ने ‘ई-श्रम पोर्टल’ शुरू किया है। जिस पर लाखों कामगारों ने अपना नाम दर्ज कराया है। इस पोर्टल से सभी माथाडी कामगारों को जोड़ा जाए। ऐसी अपील उन्होंने  माथाडी कामगारों के नेता नरेंद्र पाटिल से की। उन्होंने कहा कि अण्णासाहेब पाटिल ने माथाडी कामगारों की यूनियन  बनाकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया और माथाडियों के लिए कानून बनाने जैसा महान काम किया। उनके इस कार्य को भुलाया नहीं जा सकता है।

    मराठा समाज और माथाडियों के जीवन में नई दिशा दी

    समारोह में उपस्थितों को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अण्णासाहेब पाटिल ने महाराष्ट्र में मराठा समाज और माथाडी कामगारों को जीवन को नई दिशा दी। अण्णासाहेब की बदौलत ही उक्त दोनों वर्ग के लोगों को उन्नत्ति करने का मौका मिला। फडणवीस ने कहा कि हमारे शासन काल में माथाडी कामगारों से संबंधित कई प्रश्नों को हल किया गया था। माथाडियों के जिन प्रश्नों को मौजूदा राज्य सरकार हल नहीं कर रही है, ऐसे सभी प्रश्नों को केंद्रीय श्रम और पर्यावरण मंत्री के सहयोग से हल करने का प्रयास किया जाएगा।