Chikhlauli dam

    अंबरनाथ. चिखलोली बांध (Chikhlauli Dam) की ऊंचाई बढ़ाने के काम के चलते अंबरनाथ पूर्व (Ambernath East) के नागरिकों को पिछले कुछ महीनों से एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। हालांकि चिखलोली बांध जुलाई में ही भर गया था, लेकिन शहर के पूर्व के लोगों को पानी की आपूर्ति (Water Supplies) नहीं की जा रही थी। लेकिन बांध (Dam) को फरवरी तक खाली करना है और लघु सिंचाई विभाग ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण को पानी के उचित उपयोग के लिए पानी की आपूर्ति करने की अनुमति दी है। इसलिए रविवार से अंबरनाथ पूर्व में जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। जीवन प्राधिकरण के अनुसार अगले एक सप्ताह के भीतर पूरी क्षमता से पानी की आपूर्ति कर दी जाएगी।

    अंबरनाथ शहर के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न माध्यमों से पानी की आपूर्ति की जाती है। बदलापुर स्थित उल्हासनदी पर बने बैरेज बांध से अंबरनाथ को करीब 50 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास मंडल से 10 एमएलडी और चिखलोली बांध से 6 एमएलडी पानी मिलता है। हालांकि अंबरनाथ शहर में चिखलोली बांध की ऊंचाई बढ़ाने का काम पिछले तीन साल से चल रहा है। इसलिए बांध को फरवरी के अंत में खाली किया जाना है। इसका सीधा असर अंबरनाथ के पूर्व में जलापूर्ति पर पड़ता है। एक विकल्प के रूप में एमआईडीसी प्रशासन से प्राप्त पानी की आपूर्ति अंबरनाथ के पूर्वी हिस्से में की जाती है। चूंकि यह पानी एक दिन छोड़कर दिया जा रहा है, इसलिए नागरिकों को दैनिक किल्लत का सामना करना पड़ता है।

    नागरिकों ने राहत की सांस ली

    पिछले कई दिनों से चिखलोली बांध से जलापूर्ति की मांग की जा रही है। जुलाई में चिखलोली बांध अपनी पूरी क्षमता से भर गया था, लेकिन पानी की जांच और गुणवत्ता के कारण पानी की आपूर्ति नहीं की गई। अंत में लघु सिंचाई विभाग की अनुमति से चिखलोली बांध से महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। पहले चरण में कम क्षमता से पानी की आपूर्ति की जाएगी। जीवन प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि अगले सप्ताह के भीतर पूरी क्षमता से पानी की आपूर्ति की जाएगी। जिससे अंबरनाथ पूर्व के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

    बांध की ऊंचाई बढ़ाने का काम 70 फीसदी पूरा 

    चिखलोली बांध की ऊंचाई बढ़ाने का काम 70 फीसदी पूरा हो चुका है, लेकिन अभी काफी काम किया जाना बाकी है। लघु सिंचाई विभाग के एक अभियंता ने बताया कि इसके लिए फरवरी माह तक बांध को खाली करना होगा। इसलिए यह स्पष्ट हो गया है कि अंबरनाथकर को यह पानी चिखलोली बांध से फरवरी तक ही मिलेगा। इसलिए यह तय है कि फरवरी के बाद अंबरनाथकरों को फिर से पानी की किल्लत झेलनी पड़ेगी। पिछले कुछ वर्षों में बांध से गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें भी बढ़ी थी, इसलिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की चुनौती महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सामने खड़ी है। 

    चिखलौली बांध की ऊंचाई बढ़ने से बांध में पानी की क्षमता दोगुनी हो जाएगी। जिससे भविष्य में परिक्षेत्र के हजारों लोगों को पर्याप्त पानी मिलेगा। बांध की ऊंचाई बढ़ाने का काम 70 फीसदी हो चुका है। अब दुबारा निर्माण कार्य मार्च में शुरू होगा। इस मानसून में अच्छी बरसात होने से बांध ओवर फ्लो हो चुका है। इस बांध से 2 दिन पहले ही जलापूर्ति शुरू हो चुकी है। अब शहर के नवरेनगर, शिवाजी नगर, महालक्ष्मी नगर, कृष्णनगर, वड़वली सेक्शन, बी केबिन रोड के हजारों नागरिकों की जल समस्या का समाधान हो गया है।

    -डॉ. बालाजी किणीकर, विधायक, अंबरनाथ