Prerna Deshbhratar, Wardha Collector

    वर्धा. जिलाधिकारी प्रेरणा देशभ्रतार ने कहा कि बाजार समितियों में किसानों के माल की बिक्री अधिक पारदर्शक व किसान हित की होनी चाहिए़  इसलिए केंद्र सरकार की ओर से ई-नाम योजना शुरू की गई है़  इस योजना में जिले के वर्धा, सिंदी, हिंगनघाट व आर्वी सहित 4 कृषि उत्पन्न बाजार समितियों का समावेश किया गया है.

    योजना के अंतर्गत कृषि माल का ई-आक्शन करके इसके लिए समितियों को अत्याधुनिक संसाधनों की आपूर्ति की गई है़  इसके साथ ही किसानों के लिए अत्यंत उपयुक्त इस योजना के व्यापक अमल के निर्देश दिए है़ ई-नाम यह योजना राज्य में बड़े पैमाने पर चलायी जा रही है़ योजना के अंतर्गत बाजार समिति में प्राप्त होने वाली कृषि उपज का आनलाइन पंजीयन बाजार समिति के प्रवेश के दौरान किया जाता है़ इसमें किसानों के माल को लॉट नंबर दिया जाता है़ किस किसान का कौनसा व कितना माल बिक्री के लिए रहेगा, इसका उल्लेख होता है.  

    खरीदी-बिक्री के व्यवहार होंगे पारदर्शी 

    साथ ही किसानों के कृषि माल का लॉट आनलाइन ई-नाम प्रणाली पर बिक्री के उपलब्ध कराये जाते है़  बाजार समिती के खरीददार व्यापारी आनलाइन मूल्य दर्ज करते है़ जिस व्यापारी का मूल्य अधिक होता है, उस व्यापारी को उक्त लॉट बेचा जाता है़  इसमें किसानों का लेन देन भी आनलाइन देने की सुविधा है़ योजना के लिए वर्धा, सिंदी, हिंगनघाट व आर्वी इन कउपास का चयन हुआ है़  इन समितियों को ई-आक्शन के लिए कम्प्यूटर, यूपीएस, टैबलेट, प्रिंटर, प्रतवारी सामग्री उपलब्ध कराई गई है़  योजना से चार बाजार समितियों में किसानों के कृषि उपज की खरीदी-बिक्री के व्यवहार अधिक पारदर्शी व गतिमान होंगे़ इसका किसान व विक्रेता दोनों को लाभ मिलेगा.

    प्रतवारी के लिए लैब की सुविधा

    अलग अलग कृषि माल की प्रतवारी बाजार समिति के परिसर में नियुक्त ग्रेडर की ओर से ली जाती है़ प्रतवारी के लिए इस योजना में चारों बाजार समितियों में लैब की सुविधा उपलब्ध कराई गई है़  इसमें माल की आद्रता, अनाज की प्रतवारी करने वाले यंत्र का समावेश है़  जिलाधिकारी ने किसान हित की इस योजना को चारों बाजार समिति ने सुचारु तरीके से चलाने के निर्देश दिए है़.