Video: No trace of corona in this village of Coimbatore
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    वर्धा. जिले से सटे नागपुर, अमरावती, चंद्रपुर, यवतमाल जिलों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट के मरीज पाए गए हैं. नागपुर में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है, जिससे जिले में भी डेल्टा वेरिएंट का संकट गहराने की संभावना प्रबल हो गई है. इसके मद्देनजर अभी से जरूरी उपाय योजना करना जरूरी हो गया है. जिले में आरटीपीसीआर जांच के पांच तथा एंटीजन टेस्ट के मात्र 11 केंद्र शुरू होने के कारण अनेक नागरिक टेस्ट कराना टाल रहे हैं. परिणामवश त्योहारों के दिनों में संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है. टीकाकरण के बावजूद भी लोग कोरोनाग्रस्त होने की बात सामने आ रही है.  शुरूआत में लक्षण कम रहने से एंटीजन टेस्ट कारगर साबित नहीं होने की बात चिकित्सकों ने निरीक्षण में पहले से ही स्पष्ट कर दी है.  

    ग्रामीण क्षेत्र में RTPCR टेस्ट बढ़ाना जरूरी

    तीसरी लहर को रोकने के लिए ग्रामीण विभाग में भी आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाने पर जोर देना पड़ेगा. कोरोना का फैलाव रोकने टेस्टिंग कारगर मानी गई है. कोरोना से लड़ने के लिए डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी दिशानिर्देशों में मरीजों की ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग करने को कहा गया था़  इस पर राज्य सरकार ने कोरोना की पहली तथा दूसरी लहर में प्रभावी रूप से अमल किया़  तीसरी लहर को रोकने के लिए ग्रामीण विभाग में आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए उचित प्रणाली शुरू करना जरूरी हो गया है.

    21 सेंटर में से 5 जगहों पर व्यवस्था

    जिला असपताल के साथ ही सेवाग्राम व सावंगी यह तीन जिले में बड़े अस्पताल समेत उपजिला अस्पताल हिंगनघाट तथा आर्वी, ग्रामीण अस्पताल वडनेर, आष्टी शहीद, कारंजा, देवली, पुलगांव, भिड़ी, सेलू, समुद्रपुर, ग्रामीण स्वस्थ्य केंद्र आंजी, खरांगणा, अल्लीपुर, साहूर, सारवाडी, सिंदी, गिरड इन 21 सेंटर पर प्रतिदिन कोरोना की जांच की जा रही है.  वहीं इसमें से मात्र जिला अस्पताल, सेवाग्राम, सावंगी, उपजिला अस्पताल हिंगनघाट, आर्वी में आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए स्वैब लेने की सुविधा उपलब्ध है़ इससे अन्य जगहों पर भी आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए स्वैब लेने की व्यवस्था करना जरूरी हो गया है.

    ग्रामीण में संक्रमण का ज्यादा खतरा

    कोरोना की दूसरी लहर ने सर्वाधिक ग्रामीण क्षेत्र में सर्वाधिक कहर बरपाया था़  कई गांव कोरोना की चपेट में आ गए थे़  कम लक्षण पाए जाने पर एंटीजन टेस्ट में कोरोना डिटेक्ट नहीं होता़  ऐसे में गांव के मरीज आरटीपीसीआर टेस्ट नहीं करते़  इस कारण कोरोना के संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है़ परिणामवश कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए स्वैब लेने सेंटर बढ़ाने होंगे.