Kisan Gyapan

    कारंजा घाड़गे (सं). रबी फसलों को बचाने के लिए खेतों की सिंचाई करना आवश्यक है. परंतु महावितरण कंपनी ने अपनी मनमानी करते हुए रात में ही बिजली आपूर्ति शुरू करने से किसानों को जान खतरे में डालकर सिंचाई करना पड़ रहा है. पहले ही जंगली जानवरों का डर बना रहने से रात में सिंचाई करना मुश्किल होते जा रहा है, जिससे अब किसान आक्रामक रूख में है. गत चार वर्षों से कारंजा तहसील में महावितरण कंपनी के कार्यालय के माध्यम से किसानों को खेती फसलों की सिंचाई के लिए रात में बिजली आपूर्ति बड़े प्रमाण में शुरू रखी जाती है. उसी तरह महावितरण की मनमानी शुरू है. 

    महावितरण कंपनी की मनमानी से बढ़ा रोष 

    महावितरण कंपनी के अधिकारी व ठेकेदार के बीच सांठगांठ होने से किसानों को काफी परेशानी हो रही है. इसके अलावा बिजली आपूर्ति बंद करने, खेती कृषिपंप का बिजली बिल का भुगतान करने के बाद भी किसानों को परेशान किया जा रहा है, जिससे किसान काफी त्रस्त है. रात में सिंचाई करना कई बार किसानों को संभव नहीं होता, जिससे फसलों का भी नुकसान हो रहा है. किसानों को मजबूरन फसलों को बचाने रातभर जागकर सिंचाई करनी पड़ती है, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ गई हैं. इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बावजूद भी महावितरण कंपनी ध्यान नहीं देने से अब किसान आक्रामक दिखायी दे रहे हैं.

    शिकायत के बाद भी नहीं ली गई दखल

    किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति देने की मांग को लेकर शिवसेना द्वारा संदीप भिसे के नेतृत्व में 12 नवंबर को राज्य के ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत व जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था. परंतु किसी ने इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया. अब रबी मौसम शुरू हो गया है. किसानों को फसलों की सिंचाई करना आवश्यक है. परंतु तय दिन महावितरण द्वारा रात के समय बड़े प्रमाण में बिजली आपूर्ति की जाती है. इससे किसानों को रात के समय खेत में जाकर सिंचाई करना पड़ता है. रात में अंधेरे का साम्राज्य रहता है, जिससे दुर्घटना का भी खतरा बना हुआ है. इससे किसानों को जान खतरे में डालकर सिंचाई करनी पड़ रही है. नागपुर जिले में बड़े प्रमाण में दिन में बिजली आपूर्ति किसानों को होती है, तो कारंजा में क्यों नहीं, यह सवाल उपस्थित हो रहा है.

    22 को बैलगाडी मोर्चा

    सिंचाई के लिए दिन में बिजली आपूर्ति शुरू करने की मांग को लेकर शिवसेना के नेतृत्व में किसानों ने आंदोलन का निर्णय लिया है. इसके तहत 22 नवंबर को महावितरण कंपनी पर बैलगाड़ी मोर्चा निकाला जाएगा. इस संबंध में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया. उक्त समय वाल्मिक ठाकरे, मंगेश डोबले, सतीश डोबले, मेघराज खवशी, अजाब खवशी, अरविंद चौधरी, दिलीप चौधरी मौजूद थे.