अंगणवाडी सेविकाएं निकालेंगी यवतमाल-अमरावती पदयात्रा, विभीन्न मांगों पर खिंचेगे सरकार का ध्यान

    • जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

    यवतमाल. जिले में अंगणवाडी में कार्यरत अंगणवाडी सेविकाओं और मददगार महिला श्रमिकों के मानधन, पेंशन और विभीन्न मांगों पर सरकार का ध्यान खिंचने के लिए हिंद मजदूर सभा और राज्य अंगणवाडी सेवका संगठन की ओर से आगामी 20 से 25 जुन के दौरान यवतमाल से अमरावती तक पदयात्रा निकाली जाएंगी.

    आज 10 जुन को अंगणवाडी कर्मचारी सभा द्वारा अंगणवाडी सेविकाओं को साथ लेकर उनके मानधन और पेंशन समेत अन्य मांगों पर ध्यान खिंचने के लिए शहर में मोर्चा निकाला गया. जो जिलाधिकारी कार्यालय पहूंचा, जहां पर अंगणवाडी कर्मचारी सभा के अशोक भुतडा के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. इस मोर्चे में बडी संख्या में अंगणवाडी सेविकाएं तथा मददगार श्रमिक महिलाएं शामिल हुई.

    मोर्चे के बाद जारी विज्ञपती में अंगणवाडी कर्मचारी सभा की ओर से बताया गया की, सेविकाओं के कानधन और पेंशन समेत अनेक मांगों पर वें लंबे समय से सरकार और प्रशासन के सामने रखते हुए न्याय की गुहार लगा रही है. लेकिन इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है. जिससे अब अंगणवाडी सेविकाएं सत्याग्रह का रास्ता अपनाकर अपनी मांगों पर पदयात्रा निकालेंगी.

    जानकारी देकर बताया गया की अंगणवाडी सेविकाओं और मददगारों कों 2017 से एक रुपया भी मानधन नही बढाया गया है, जिससे उन्हे महंगाई के इस दौर में केवल 8300 रुपयों पर और 30 सालों से सेवा दे रही मिनी अंगनवाडी सेविकाओं को केवल 5900 रुपए,मददगार महिलाओं को 44509 रुपए प्रति माह मानधन मिलता है, बिते पांच सालों में बडे पैमाने पर महंगाई बढी है, जिससे उनका सरकार मानधन बढाएं, सेविका मददगारों कों निवृत्ती के बाद पेंशन लागु करें, इससे पहले उन्हे मिनी अंगणवाडी सेविकाओं के रुप में पद दें, आदी मांगों को लेकर 20 जुन से 25 जुन के दौरान यवतमाल से अमरावती तक पदयात्रा निकालते हुए मांगों पर ध्यान न देनेवाली महाविकास आघाडी सरकार का निषेध जताया जाएंगा.

    महिला व बालकल्याण मंत्री के अमरावती कार्यालय पर यह पदयात्रा पहूंचेगी, जहां पर उन्हे मांगों का ज्ञापन देकर कारवाई की मांग की जाएंगी.जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने निकले इस मोर्चे में सभा के पदाधिकारी अशोक भुतडा, महाराष्ट्र अंगणवाडी कर्मचारी सभा की सचिव कमल परुलेकर, नंदा सुतरकर, पुनम कोहरे, चंद्रकला आत्राम, प्रिती जगताप, हर्षदा काकडे, करुणा गायकवाड, अरुणा चपेरीया, बालु चव्हाण, समेत अनेक अंगणवाडी सेविकाआं और मददगार महिलाएं शामिल हुई.

    अंगणवाडी सेविकाओं और मददगारों को छोटे बच्चों की परवरीश पुरी करते हुए गर्भवती महिलाओं को दवाई और उनके पौष्टीक आहार पर ध्यान देना पडता है, इसके अलावा अनेक सरकारी काम उनसे करवाए जाते है, इसके बावजुद उनका मानधन नही बढाया जा रहा है ना ही पेंशन लागु की जा रही है, इसकी तुलना में शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, अधिकारीयों को बडे पैमाने पर वेतनबढोत्तरी और पेंशन मिलती है, उन्हे लाखों रुपयों का रिटायर्डमेंट का लाभ मिलता है, जबकी पेंशन 30 हजार से 1 लाख रुपयों तक मिलती है.

    इसकी तुलना में अंगणवाडी सेविकाओं और मददगार महिलाओं को सरकार कुछ नही दे रही है, सरकार ने घटीया स्तर के मोबाईल देने से काम न होने के कारण नए मोबाईल देकर जानकारी भरने के लिए सुविधा दें,जीस तरह तेलंगाना में 13650,केरल में 12 हजार, आंध्रप्रदेश में 11 हजार 500, दिल्ली में 11 हजार 500, मध्यप्रदेश में 10 हजार 500 और अन्य राज्यों में मानधन दिया जाता है.

    उसकी तुलना में महाराष्ट्र में अंगणवाडी सेविकाओं और मददगार महिलाओं को मानधन न देनेवाली महाराष्ट्र सरकार में थोडी शर्म बची है तो उनके मानधन और पेंशन तथा अन्य मांगों पर चर्चा कर सरकार हल निकालें, अन्यथा सरकार के खिलाफ तीव्र आंदोलन किया जाएंगा, एैसी चेतावणी अंगणवाडी कर्मचारी सभा ने दी है.