VJNT समिती के जायजे से प्रशासन में फैली घबराहट, घटीया रास्ते,आवास निर्माण पर, अभियंता, ठेकेदार पर हो सकती है कारवाई

    यवतमाल.विधानपरिषद की विमुक्त जाती, भटकी जमाती कल्याण समिती ने 22 सितंबर से जिले में डेरा डाला है. बिते दो दिनों सें समिती जिला दौरे पर थी.

    आज 25 सितंबर को समिती के दौरे के आखिरी दिन यवतमाल में समिती ने जिले के सामाजिक न्याय विभाग तथा विभीन्न सरकारी विभागों में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारीयों सें जुडे लंबित और न्यायिक मामलों की समिती ने जायजा लिया.तीन दिनों से समिती का जिले में दौरा होने से सामाजिक न्याय विभाग, सार्वजनिक निर्माणकार्य विभाग और जिला प्रशासन के विभीन्न विभागों में भागदौड दिखाई दी,

    साथ ही समिती की रिपोर्ट के आधार पर अगली कारवाई होने से सभी अधिकारी समिती के दौरे के समय चिंता में भी दिखे.आज आखिरी दिन समिती ने प्रशासनिक और सरकारी निर्माणकार्यों समेत प्रशासन में इस प्रवर्ग के अधिकारी, कर्मचारीयों की स्थिती, पदोन्नती,अन्याय के मामलों का यह समिती जायजा इससे पुर्व विधायक मोरे की अगुवाई में समिती ने नेर तहसील में अचानक दस्तख दी, यवतमाल में प्रशासनिक स्तर पर बैठक के बाद समिती प्रमुख विधायक शांतराम मोरे, विधायक संजय दौंड, विधायक राजेश राठोड, विधायक सुरेश भोले ने अनपेक्षीत तौर पर नेर तहसील में पहूंचे थे.

    इस समय सामाजिक न्याय विभाग द्वारा कीए गए कामों का औचक निरीक्षण कीया गया.समिती ने सामाजिक विभाग और निर्माणकार्य विभाग के जरीए कीए गए सरकारी निर्माणकार्य स्थल पर पहूंचकर वहां का निरीक्षण किया.इस समय घटीया कामों पर उपस्थित अधिकारीयों कों फटकार भी लगायी, नेर के माणिकवाडा, उत्तरवाढोणा, चिकणी गांव में आश्रमशाला का भी निरीक्षण कीया गया.

    इस दौरान उत्तरवाढोणा में पहूंची समिती के विधायक सदस्यों नें तांडाबस्ती सुधार  योजना के जरीए बनें रास्तों का निरीक्षण कीया तब यहां पर तकनिकी और आर्थिक मानदंडों पर निर्माणकार्य ना दिखने पर सदस्य विधायक ने रास्ता खोदकर देखा, और काम पर नाराजी जतायी, नेर के नबाबपुर परिसर में आरषमाला में कर्मचारीयों की पदभरती बिंदु नामावली के अनुसार न होने और यहां पर सरकारी सुविधाएं न होने, छात्राओं के ईमारत में सुरक्षा और भौतिक सुविधा, काम्प्युटर कक्ष का अभाव जैसे मुददे समिती के सामने आए.

    इसके अलावा भराडी जमात के लिए बनें यशवंतराव चव्हाण मुक्तबस्ती योजना के 21 आवासों का निरीक्षण कीया, यहां पर घरों से पानी गलने और घटीया स्तर का निर्माण होने की शिकायत कुछ नागरिकों ने समिती से की, जिससे अध्यक्ष मोरे और सदस्य विधायकों नें अधिकारीयों, अभियंता और ठेकेदार को कडी फटकार भी लगायी

    बताया जाता है की सामाजिक न्याय विभाग को मिली सरकारी राशि में आवास और ईमारतों का घटीया दर्जे का काम किया या, जिससे वीजेएनटी समिती ने एक शाखा अभियंता और ठेकेदार कों टार्गेट बनाकर खुब खरीखोटी सुनायी, मुक्त बस्ती योजना का बंटाढार करने के मामलें में दोनों पर कारवाई होंगी.

    एैसी जानकारी समिती के विधायक सदस्यों ने दी. इसी बीच आज 25 सितंबर को समिती का दौरा समाप्त हुआ, अब यह समिती जिले में अपने दौरे में सामने आयी बातों की रिपोर्ट तैयार कर विधानपरिषद में पेश करेंगी, इसके अलावा मुख्यमंत्री से जिले में आवास निर्माण के लिए लगनेवाली 1 लाख 20 हजार की राशि अपर्याप्त होने से इसे बढाकर देनें, की सिफारीश मुख्यमंत्री से करेंगी.