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    लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) की संवेदनशीलता का ही असर है कि 24 करोड़ आबादी वाले प्रदेश में एक्टिव केस (Active Cases) की संख्‍या में इजाफा होने के बाद भी अस्‍पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों (Patients) की संख्‍या न के बराबर है। सं‍क्रमित मरीजों (Infection Patients) को उनके घर पर ही सारी सेवाएं सरकार की ओर से पहुंचाई जा रही हैं। संक्रमितों की 24 घंटें की मॉनिटरिंग, दवाओं की उपलब्‍धता, टेस्‍ट, सैनिटाइजेशन के साथ ही उस इलाके में कोविड गाइडलाइन का पालन कड़ाई से कराया जा रहा है। जिसका परिणाम है कि प्रदेश के हालात बेहतर हैं। बीते 7 मई को प्रदेश में 2,000 से अधिक एक्टिव केस थे, लेकिन एक बार फिर से नए केस की संख्या में कमी देखी जा रही है।

    प्रदेश में मंगलवार को पॉजिटिविटी दर 0.03 प्रतिशत रही। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति पूरी तौर पर नियंत्रण में है। फोर टी रणनीति (ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण) की नीति के सफल क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश में कोविड पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 1,432 एक्टिव केस हैं। इसमें 1,374 लोग होम आइसोलेशन में हैं। बीते 24 घंटे में पूरे प्रदेश में 179 नए संक्रमण के मामलों की पुष्टि हुई। 

     231 लोगों ने कोरोनो संक्रमण को मात दी  

    गौतमबुद्ध नगर में 56, गाजियाबाद में 37, लखनऊ में 21 नए संक्रमण के केस मिले। इस बीच 231 लोगों ने कोरोनो संक्रमण को मात दी। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने उच्‍चस्‍तरीय बैठक में आला अधिकारियों को टेस्टिंग की संख्या को तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्‍होंने कहा कि जिन जिलों में दहाई अंक में नए केस की पुष्टि हो रही है वहां कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और ट्रैवल हिस्ट्री का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्‍होंने आला अधिकारियों से कहा कि जिन जिलों में केस अधिक मिल रहे हैं वहां सार्वजनिक स्थानों पर  मास्क लगाया जाना अनिवार्य करें और इसका प्रभावी अनुपालन कराएं।

    18 से अधिक आयु की पूरी आबादी को दी जा चुकी कम से कम एक डोज

    उत्तर प्रदेश में अब तक कोविड टीके की 31 करोड़ 85 लाख डोज दी जा चुकी है, जबकि 11 करोड़ 23 लाख से अधिक कोविड टेस्ट भी किए जा चुके हैं। 18 से अधिक आयु की पूरी आबादी को टीके की कम से कम एक डोज दी जा चुकी है, जबकि 89.86 प्रतिशत वयस्क लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है। 15 से 17 आयु वर्ग में 95.85 प्रतिशत से अधिक किशोरों को पहली खुराक और 69.80 प्रतिशत से किशोरों को दोनों डोज दी जा चुकी है। 12 से 14 आयु वर्ग में 70 प्रतिशत से अधिक बच्चे टीकाकवर पा चुके हैं। जिनको दूसरी डोज लगाया जाना भी शुरू हो चुका है।