जयंत चौधरी (Photo Credits-Jayant Chaudhary Facebook Official)
जयंत चौधरी (Photo Credits-Jayant Chaudhary Facebook Official)

    नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) के लिए अब कुछ महीने ही बचे हुए हैं। सूबे में प्रमुख मुकाबला बीजेपी (BJP) बनाम समाजवादी पार्टी (SP) ही नजर आ रहा है। इन सब के बीच वेस्टर्न यूपी में खास पकड़ रखने वाली आरएलडी की नजर जाटलैंड की 100 से अधिक सीटों पर है। पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह और अजित सिंह की विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी जयंत चौधरी के हाथों में है। रस्म पगड़ी में जुटी भीड़ के बाद जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) को सियासी समीकरण बदलने की उम्मीद नजर आ रही है। ऐसे में खबरें है कि जयंत चौधरी खुद छपरौली से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। 

    ज्ञात हो कि आरएलडी की नजर मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर जिलों की 100 से अधिक सीटों पर है। छपरौली चौधरी परिवार का गढ़ है। यही कारण है कि जयंत इस सीट से अपनी किस्मत आजमां सकते हैं। 

    (Photo Credits-Jayant Chaudhary Facebook Official)

    मुजफ्फरनगर दंगों के बाद ध्रुवीकरण होने के बावजूद भी साल 2017 के चुनाव में आरएलडी ने इस सीट से बेहतर प्रदर्शन किया था। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में अगर जयंत चौधरी इस सीट से चुनाव लड़ते हैं तो आस-पास की सीटों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। 

    गौर हो कि छपरौली ने हमेशा से ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह का हमेशा साथ निभाया है। जयंत चौधरी को भी इस सीट से खासी उम्मीद है। बागपत और अन्य ने भले ही आरएलडी का समय-समय पर साथ छोड़ा है। लेकिन छपरौली के लोग हमेशा से ही चौधरी परिवार के साथ खड़े नजर आए हैं।

    (Photo Credits-Jayant Chaudhary Facebook Official)

    उल्लेखनीय है कि वर्ष 1937 से साल 1977 तक चौधरी चरण सिंह छपरौली से लगातार चुनाव जीतते रहे। फिर वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बने। बागपत से वे तीन बार सांसद भी रहे। जबकि अजित सिंह छह बार लोकसभा सीट से चुनाव भी जीते जिसमें छपरौली का बड़ा योगदान रहा।

    यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में आरएलडी को सिर्फ छपरौली सीट पर ही जीत मिली थी। हालांकि यहां से चुनाव जीतने के बाद विधायक सहेंद्र सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया था। दरअसल किसान आंदोलन के बाद आरएलडी काफी मजबूत हुई है। यही कारण है कि जयंत चौधरी छपरौली से चुनाव लड़कर अपनी पार्टी के पक्ष में मजबूत माहौल बना सकते हैं।