ISRO

    बदलापुर. बदलापुर (Badlapur) के एक रिक्शा चालक (Rickshaw Driver) के बेटे को इसरो (ISRO) द्वारा जूनियर साइंटिस्ट (Junior Scientist) के रूप में चुना गया है, युवक का नाम देवानंद पाटिल है। इसके बाद देवानंद और उनके परिवार पर अभिनंदन की वर्षा हो रही है। देवानंद मैकेनिकल इंजीनियर (Mechanical Engineer) है और वर्तमान में टाटा स्टील जमशेदपुर में इंजीनियर के रूप में कार्यरत है। इससे पहले देवानंद को रेलवे लोको पायलट के रूप में चुना गया था। लेकिन देवानंद द्वारा यह नौकरी ठुकरा दी गई थी। 

    देवानंद ने अपने परिवार को बताया कि थोड़ा रुको, मैं कुछ अलग करना चाहता हूं। टाटा स्टील के लिए काम करते हुए देवानंद ने विभिन्न परीक्षाएं जारी रखी थी। देवानंद देश के पहले ओबीसी हैं जिन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की परीक्षा में जूनियर वैज्ञानिक के रूप में चुना गया है। देवानंद के पिता सुरेश पाटिल ने कहा कि परीक्षा के परिणाम शुक्रवार, 30 अप्रैल को घोषित किए गए थे और एक महीने के भीतर यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें कहां नियुक्त किया जाएगा।

    पिताजी चला रहे थे रिक्शा      

    देवानंद के पिता सुरेश पाटिल ने अपने परिवार का उदरनिर्वाह करने और अपने बच्चों की शिक्षा पूरी करने के लिए बदलापुर में दिन में 12-14 घंटे रिक्शा चलाई और उनकी पत्नी ने भी हर दिन 7-8 घंटे पापड़ बनाकर उनका साथ दिया। सुरेश पाटिल ने भावना व्यक्त करते हुए कहा कि आज हमारी मेहनत सफल हो गई और यह खुशी अवर्णनीय है।