इमारत हादसों को रोकने के लिए उपाय योजना जरूरी

भिवंडी. धामनकर नाका परिसर स्थित पटेल कंपाउंड में 22 सितंबर को जिलानी इमारत हादसे के उपरांत भिवंडी मनपा प्रशासन द्वारा गठित जांच कमेटी ने भविष्य में इमारत हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी उपाय योजना किए जाने की संस्तुति की है. मनपा कमिश्नर डॉ पंकज आशिया ने शहर स्थित समस्त धोखादायक, अति धोखादायक इमारतों का दौरा कर वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त कर संबंधित अधिकारियों को उचित निर्देश दिए हैं.

 गौरतलब हो कि धामनकर नाका स्थित पटेल कंपाउंड जिलानी इमारत हादसे में 38 लोगों की मौत और 25 लोग घायल हो गए थे. मनपा कमिश्नर डॉ पंकज आशिया द्वारा जिलानी इमारत हादसे की समग्र जांच के लिए मनपा अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे की अध्यक्षता में मनपा उपायुक्त दीपक सावंत, शहर  अभियंता एलपी गायकवाड, नगर रचनाकार होंगे. पाटिल की 4 सदस्यीय कमेटी नामित कर जांच किए जाने और भविष्य में ऐसी घटनाएं को रोकने के लिए जरूरी उपाय योजना तैयार किए जाने का निर्देश दिया था. 

कमेटी ने जांच रिपोर्ट सौंपी  

मनपा कमिश्नर के आदेश पर गठित हुई कमेटी ने 15 दिनों में मनपा प्रशासन को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है. कमेटी की जांच रिपोर्ट में जमीन मालिक सैयद जिलानी सहित फ्लैट धारक, बिल्डर और मनपा अधिकारियों को भी दोषी करार दिया गया है. मनपा अतिरिक्त आयुक्त ओम प्रकाश दिवटे की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी ने भविष्य में धोखादायक, अति धोका दायक इमारतों के हादसों को रोकने के लिए कई अहम उपाय योजना किए जाने का सुझाव मनपा प्रशासन को दिया है. जांच कमेटी ने शहर स्थित तमाम धोखादायक, अति धोखादायक इमारतों का वर्गीकरण मार्च-अप्रैल माह में किया जाना जरूरी करार दिया गया है. इमारतों के वर्गीकरण के अनुसार संबंधित प्रभाग अधिकारी और क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा उक्त इमारतों की बिजली-पानी कनेक्शन सहित इमारत में रहने वाले तमाम रहिवासियों को इमारत से निकालकर सुरक्षित स्थान पर रखे जाने की उपाय योजना सुनिश्चित किए जाने को अहम करार दिया गया है. जांच कमेटी ने धोखादायक, अति धोकादायक इमारतों को चिन्हित कर स्थानीय नगरसेवक को जानकारी दिया जाना सहित इमारत के पास फलक लगाया जाना और अखबार में भी इमारत और फ्लैट धारक के नाम से नोटिस निकाला जाना अति आवश्यक करार दिया गया है.

अवैध इमारतों की रजिस्ट्री न हो सके

धोखादायक इमारतों में रहने वाले किराएदार सहित फ्लैट धारक का समुचित लेखा-जोखा कर पंचनामा दिया जाना अति आवश्यक है.जीवन सुरक्षा की खातिर धोखादायक इमारतों से निकाले जाने वाले तमाम रहिवासियों की अस्थाई आवास सुविधा के लिए करीब 500 से 1000 स्क्वायर फ़ीट का आशियाना मनपा द्वारा बनाया जाना चाहिए जिसमें किचन, शौचालय की सुविधा हो. जांच कमेटी के अनुसार शहर में निर्मित हुई और निर्माणाधीन तमाम इमारतों की समग्र जानकारी प्राप्त कर राजस्व विभाग रजिस्ट्री कार्यालय को सूचना दिया जाना चाहिए ताकि अवैध निर्मित इमारतों की रजिस्ट्री कदापि न हो सके. 

सख्त कार्रवाई की जाएगी

उक्त संदर्भ में मनपा कमिश्नर डॉ पंकज आशिया ने कहा कि शहर में चल रहे अवैध निर्माणों को लेकर मनपा प्रशासन बेहद गंभीर है.अवैध निर्माण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया जाएगा.अवैध निर्माण में लिप्त स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित क्षेत्रीय वार्ड अधिकारी, इंजीनियर, बीट निरीक्षक आदि पर पुलिस में एफआईआर की जाएगी. अवैध निर्माण में स्थानीय नगर सेवकों की संलिप्तता पाए जाने पर शासन को पद रद्द करने की संस्तुति की जाएगी.अवैध निर्माण में लिप्त और धोखादायक इमारतों पर निष्कासन कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों पर निलंबन की सख्त कार्रवाई की जाएगी.