Water supply stopped from Chikhauli dam, MNS protests by cutting cake

    अंबरनाथ. शहर के दर्जनों वार्ड के तकरीबन 70 हजार से भी अधिक लोगों को जलापूर्ति (Water Supply) करने वाले स्थानीय चिखलौली बांध (Chikhauli Dam) की ऊंचाई बढ़ाने के कार्य को लेकर बांध को खाली कर उससे जलापूर्ति बंद (Water Supply Close) कर दी गई है। बांध का निर्माण कार्य तेज गति से करने और वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में एमआईडीसी (MIDC) से पर्याप्त जलापूर्ति करने की मांग महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने की है। 

    वहीं, मनसे के कई पदाधिकारी बांध पर गए और वहां जाकर उन्होंने केक काटा। मनसे पदाधिकारी और पूर्व नगरसेवक स्वप्निल बागुल ने  केक काटने के पीछे का मकसद बताते हुए कहा कि ऊंचाई का काम तो ठीक और स्वागत योग्य है, लेकिन एमजेपी  प्रशासन का नियोजन शून्य है, इनके पास कोई प्लानिंग न होने के कारण  लोगों को जल संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है। बागुल के अनुसार  पिछले वर्ष 17 मार्च से बांध से अचानक जलापुर्ति बंद कर दी गई थी और पूरे साल इस बांध के पानी पर निर्भर नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ी। परेशानी उठाते-उठाते एक साल का अर्सा बीत जाने के कारण केक काटकर मनसे ने प्रतिकात्मक विरोध प्रदर्शित किया है।

    काम की गति काफी धीमी 

    मनसे के स्थानीय नेता स्वप्निल बागुल के अनुसार, अब काम शुरू हो गया है, लेकिन देखने को मिल रहा है कि काम की गति काफी धीमी है, तो यह भविष्यवाणी करना संभव नहीं है कि काम कब तक पूरा होगा और नागरिकों को इसका पानी कब से मिलेगा। बागुल की मांग है कि लघु सिंचाई विभाग प्रशासन को चाहिए की मानसून से पहले ऊंचाई का काम पूरा कर ले, जिससे  मानसून में इस जलाशय में पर्याप्त पानी जमा हो जिससे आगामी साल पानी की समस्या का मुकाबला नागरिकों को न करना पड़े। उक्त मांग को लेकर महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता शिंदे से मुलाकात की और चिखलौली बांध की ऊंचाई का युद्ध स्तर पर पूरा करने संबंधी चर्चा की।