जानें कर्नाटक के प्रसिद्ध हम्पी मंदिर और आसपास के जगहों के बारे में

कर्नाटक राज्य के तंगभद्रा नदी के तट पर हम्पी नामक एक विशाल मंदिर स्थित है जो कि अपनी सुंदर कलाकृति ओर बेजोड़ नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। हम्पी यहां की पहाड़ियों और घाटियों में स्थित एक धार्मिक मंदिर है। यहां आने के बाद पर्यटक अपना ढ़ेर सारा वक्त बिताते हैं और मन की शांति महसूस करते हैं।

विरुपाक्ष मंदिर हम्पी-
हम्पी का यह मंदिर भगवान शिव के एक अन्य रूप विरूपाक्ष को समर्पित है। वीरूपाक्ष मंदिर सुंदर वास्तुकला और नक्काशी की वजह से इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया। मंदिर में कई देवी देवताओं की खूबसूरत मूर्तियां हैं और यहां की कलाकृतियों के माध्यम से कई देवी-देवताओं की पौराणिक कहानियों को दर्शाती हैं। भगवान शिव का यह मंदिर पर्यटकों भारी मात्रा में आकर्षित करता हैं।

हम्पी बाजार-
विरुपाक्ष मंदिर के बिल्कुल सामने ही हम्पी बाजार है। इसलिए इस बाजार को विरुपाक्ष बाजार के नाम से भी जाना जाता है। यहां विधमान विभिन्न कलाकृतियों में प्राचीन सिक्के, शॉल और बैग आदि अधिक प्रचलित है और आप जब भी बाजार जायेंगे तो एक अलग ही अनुभव करेंगे। पर्यटक यहां से तरह – तरह की चीजे यादों के तौर पर ले जाना पसंद करते हैं।

रानी का स्नानागार-
विजय नगर साम्राज्य के दौरान ऐसे बहुत सी अविश्वसनीय और अकल्पनीय इमारतों तथा भव्य मंदिरों का निर्माण हुआ जिनको बना पाना अब मात्रा कल्पना ही रह गईं हैं जिसमे से एक रानी का स्नानागार भी शामिल है। इसकी संरचना भी इस प्रकार से कि गई थी कि कोई भी बाहरी व्यक्ति जाने – अनजाने में प्रवेश ना कर पाए, अब यह खंडहर मात्रा रह गया है लेकिन यह आ कर आप इसकी विशालता ओर अद्भुत नक्काशी का अनुमान बड़ी ही सहजता से लगा सकते हैं।      

मोनोलिथ बुल हम्पी-
हम्पी में पर्यटकों के देखने लायक बहुत सी जगहों में मोनोलिथ बुल हमेशा से चर्चा में रहता है, भगवान शिव के परम भक्त और उनकी सावरी नंदी महाराज (नंदी बैल) की एक विशाल मूर्ती हमेशा से आकर्षण के केंद्र बनी रहती हैं, जिसे देखने हर साल दूर – दूर से लोगो की भारी भीड़ आती है।