MOSQUE

    प्रयागराज. जहाँ एक तरफ देश कोरोना (Corona) और विधानसभा चुनावों (Vidhan Sabha) की आपाधापी में लगा हुआ है। वहीं उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति की एक चिट्ठी अब लोगों की नजर में सुर्खियां बटोर रही हैं। ख़बरों की मानें तो प्रो. संगीता श्रीवास्तव (Sangeeta Shrivastav) ने स्थानीय DM को चिट्ठी लिख एक शिकायत की है। जिसमे उन्होंने कहा है कि मस्जिद (Mosque) में होने वाली अजान से उनकी नींद में भारी खलल पड़ता है, ऐसे में इस मामले में कुछ जरुरी कार्रवाई तुरंत ही की जाए। प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव के मुताबिक उनके प्रयागराज के डीएम को लिखी इस चिट्ठी में कहा है कि रोज सुबह करीब साढ़े पांच बजे मस्जिद में अजान होती है, ऐसे में लाउडस्पीकर की तेज़ आवाज़ से उनकी नींद में बहुत खलल डालती है।

    क्या है चिट्ठी में:

    इतना ही नहीं इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति ने यह शिकायत भी की है कि अजान के कारण उनकी नींद बाधित होती है और फिर बाद में वह अपनी नींद पूरी नहीं कर पाती। जिसके कारण पूरे दिन उनके सिर में दर्द रहता है और जिसका सीधा असर उनके कामकाज पर भी अब पड़ने लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये चिट्ठी इसी महीने ईट्य़७ तीन मार्च को लिखी गई है। हालांकि, कुलपति ने अपनी चिट्ठी में यह भी स्पष्ट किया है कि वो किसी भी संप्रदाय, जाति या वर्ग के बिलकुल भी खिलाफ नहीं हैं। लेकिन एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि, “आपकी स्वतंत्रता वहीं खत्म हो जाती है, जहां से मेरी नाक शुरू होती है।”

    इसके साथ ही DM को लिखी अपनी चिट्ठी में प्रोफेसर और इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति संगीता श्रीवास्तव ने अपील की है कि, यह अजान बिना लाउडस्पीकर के भी हो सकती है, ताकि किसी दूसरे व्यक्ति की दिनचर्या पर भी उसका असर ना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि अभी आने वाली ईद से पहले सहरी का ऐलान भी सुबह चार बजे ही होगा, ऐसे में इससे भी उनकी परेशानी बढ़ सकती है। 

    दिया  भारत के संविधान का हवाला:

    यही नहीं प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि भारत के संविधान में सभी वर्ग के लिए पंथनिरपेक्षता और शांतिपूर्ण सौहार्द की परिकल्पना की गई है, साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश (पीआईएल नंबर- 570 ऑफिस 2020) का हवाला भी उन्होंने दिया है। यह भी खबर है कि इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति ने अपनी इस चिट्ठी को DM के अलावा कमिश्नर, IG और DIG को भी भेजी है। इस पर DIG सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी का कहना है कि कुछ दिनों पहले एक लेटर मिला था। उन्होंने बताया की, संबंधित अधिकारी को जांच कर वैधानिक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। वहीं, इस मुडी पर DM भानु चंद्र गोस्वामी ने नियमानुसार कार्रवाई करने की बात की है।