Diwali celebrations in Ayodhya

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि कुछ लोगों की कुत्सित सोच के कारण राम की अयोध्या के साथ सदियों तक बहुत अन्याय हुआ है। अब ऐसा नहीं होगा और अयोध्या को उसका गौरव मिलेगा। इस बीच, दिव्य दीपोत्सव में शुक्रवार को 5,84,372 दीये जलाकर अयोध्या ने आज गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यहां जारी एक बयान के मुताबिक गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने अयोध्या में दीपोत्सव को देखा।

इस दौरान 5,84,372 मिट्टी के दीये जलाए गए। इस तरह अयोध्या ने ऐसे भव्य आयोजन के मामले में अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा लिया। मुख्यमंत्री ने अयोध्या में आयोजित ‘दिव्य दीपोत्सव’ में श्री राम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक करने के बाद कहा कि आज जिस अयोध्या में दीपोत्सव मनाया जा रहा है, तीन वर्ष पहले तक कुछ लोगों को अयोध्या का नाम लेने से डर लगता था। अब अब सब बदल गया है, लोग अयोध्या आना चाहते हैं। इस बार 5,84,372 लाख दीप अयोध्या में जलाए गए हैं, अब अगले साल 7.51 लाख दीपकों से अयोध्या रोशन होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम हर पुण्य स्थली को प्रतिष्ठापित करेंगे। श्रद्धालु हो या पर्यटक, सभी की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कुछ वर्ष पूर्व तक सरकारें पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी जैसी यात्राओं पर रोक लगाती थीं, आज यहां सुविधाओं में बढ़ोतरी की जा रही है। यह हमारी अस्मिता से जुड़ा विषय है।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मार्गदर्शन और रणनीति’ से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का पांच सदी का संकल्प पूरा होते हुए दुनिया देख रही है। योगी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन और रणनीति से दुनिया पांच सदी का वह संकल्प पूरा होते हुए देख रही है, जिसकी हमारी कई पीढ़ियों को प्रतीक्षा थी। मैं प्रधानमंत्री का उन पीढ़ियों की तरफ से भी आभार प्रकट करता हूं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने हाथों से राम मंदिर का शिलान्यास करके उस काम को आगे बढ़ाया है जिसका इंतजार आजादी के बाद से पूरे देश को था।

इस बीच, अयोध्या में दिव्य दीपोत्सव में शुक्रवार को 5,84,372 दीये जलाकर अयोध्या ने आज गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया। इस संबंध में जारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह नया रिकॉर्ड कायम करने के लिए राम भक्तों तथा सभी अयोध्यावासियों को बधाई दी और कहा कि अगले साल यह रिकॉर्ड भी पीछे छूट जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या दीपोत्सव, राम राज्य की संकल्पना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक प्रयास है। रामराज्य, भेदभाव रहित समरस समाज का द्योतक है। केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों का आधार यही राम राज है।

उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण जैसे प्रयास जाति, धर्म, पंथ, मजहब से परे, समान भाव से सभी के जीवन में उजियारा भर रहे हैं। कोरोना काल में जन सेवा का कार्य और तत्परता से किया गया।

योगी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में समवेत प्रयास से हम भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक संपन्नता को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करेंगे।” उन्होंने कहा कि फिजी, थाईलैंड, जापान, नेपाल को अयोध्या से जोड़कर अयोध्या को वैश्विक पटल पर लाने की कोशिश की गई। अब यहां अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बन रहा है।

योगी ने कहा कि संतों के निर्देशन में अयोध्या की विश्व स्तर पर ब्रान्डिंग की जाएगी। वन गमन पथ पर तब श्री राम को कष्ट सहना पड़ा था, पर उत्तर प्रदेश सरकार ‘राम वन गमन पथ’ को संवारने का काम करा रही है, आने वाले समय में अयोध्या से चित्रकूट तक साढ़े तीन घण्टे में ही पहुंचा जा सकेगा। उत्साह से भरे माहौल में ‘जय श्री राम’ के नारों के बीच मुख्यमंत्री ने अयोध्या के बहुमुखी विकास के लिए जारी अन्य भावी परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को दीप पर्व की बधाई देते हुए राम को भारतीय अस्मिता का प्रतीक बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की। इससे पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वयं को श्रृंगवेरपुर का बताते हुए खुद को राम सेवक बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा दीपोत्सव के आयोजन को जन आकांक्षाओं का प्रतिबिंब करार दिया। (एजेंसी)