Hunger Strike

    आष्टी-शहीद (सं). तहसील की नई आष्टी के जरूरतमंद नागरिकों को अधिकृत जमीन के पट्टे दिलाने की मांग को लेकर पंचायत समिति कार्यालय के सामने अनशन शुरू कर दिया था़  विधायक दादाराव केचे ने मध्यस्थता करते हुए 15 दिनों में आंदोलनकर्ताओं को अधिकृत पट्टे देने का आश्वासन देने के बाद आंदोलन वापस लिया गया.

    कई सालों से घरकुल के यह लोग प्रतीक्षा में है, जिससे आवेज खान के नेतृत्व में पंस आष्टी शहीद के सामने आमरण अनशन के लिए बैठे थे़  जिले में अन्य जगह पर अधिकृत पट्टो का वितरण किया जा चुका है, लेकिन स्थानीय नागरिक अधिकृत पट्टों से वंचित है़  2 साल पहले जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक हुई थी़  जगह के पट्टे नहीं मिले तो आमरन अनशन करने की चेतावनी उन्होंने दी.  

    जरूरतमंदों को दें जमीन के पट्टे  

    सोमवार को विधायक केचे अनशन मंडप को भेंट देकर अधिकारियों को तत्काल अधिकृत पट्टे प्रदान करने के निर्देश दिए. इस समय गुटविकास अधिकारी बारापात्रे, विस्तार अधिकारी चव्हाण, नायब तहसीलदार देशमुख, सरपंच अपर्णा देशमुख, सचिव अश्विन वानखड़े आदि उपस्थित थे़  अनशनकर्ताओं में दामोदर बनसोड, भीमराव कांबले, दिलीप उईके, संजय मडावी, नीलेश राऊत, अविकुमार उईके, हर्षल नेवारे, मेघराज धानोरकर, सतीश नेहारे, राजेंद्र नेहारे, मंगल शेंद्रे, मंदा सुपराम का समावेश था.