covishield vaccine
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  • 45,000 को मिला को-वैक्सीन का लाभ
  • कोविशील्ड के 3 लाख 17 हजार 620 प्राप्त
  • को-वैक्सीन के 53 हजार 360 डोज प्राप्त
  • हेल्थ वर्कर पहला डोज 16,718, दूसरा डोज 11,745
  • फ्रन्टलाइन वर्कर पहला डोज 14,213, दूसरा डोज 6,018
  • 18 से 44 पहला डोज 14,463, दूसरा डोज 2,025
  • 30 से 44 पहला डोज 12,306, दूसरा डोज 00
  • 45 से 60 पहला डोज 1,12,008, दूसरा डोज 18,688
  • 60 प्लस पहला डोज 1,08,779, दूसरा डोज 28,479

वर्धा. जिले में टीकाकरण मुहिम युध्दस्तर पर चल रही है़ वैक्सीन की आपूर्ति के अनुसार टीकाकरण किया जा रहा़ जिले में को-वैक्सीन की तुलना में कोविशील्ड की आपूर्ति अधिक हुई है़ इसके करीब 3 लाख 729 डोज लग चुके है़ं जबकि को-वैक्सीन का लाभ 45 हजार 513 लोगों को मिला है़ दोनों टीके प्रभावी होने से इस संबंध में नागरिक कोई संभ्रम न पालें, ऐसा आह्वान स्वास्थ्य प्रशासन ने किया है.

बता दें कि कोरोना को रोकने के लिए टीकाकरण अत्यावश्यक बताया गया़ सरकारी निर्देशानुसार जिले में टीकाकरण मुहिम चलायी जा रही है़ 18 से 44 तथा 45 प्लस का टीकाकरण किया जा रहा है़ बीच के दिनों में वैक्सीन की आपूर्ति ठप होने से मुहिम प्रभावित हो गई थी़ परंतु गत पखवाड़े से वैक्सीन का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध होने से केंद्रों पर सुचारु तरीके से टीका दिया जा रहा है. 

प्रभावी टीका को लेकर संभ्रम

को-वैक्सीन अथवा कोविशील्ड में से कौन-सा टीका अधिक प्रभावी है, इसे लेकर नागरिकों में संभ्रम है़ परंतु स्वास्थ्य प्रशासन की माने तो दोनों टीके कारगार है़ केंद्र पर जो टीका उपलब्ध हैं, उसे नागरिक लगाए, ऐसा आह्वान किया जा रहा है़ कोविशील्ड का पहला टीका लेने के 84 दिनों बाद दूसरा टीका ले सकते है़ं जबकि को-वैक्सीन का पहला टीका लेने के बाद 45 दिनों बाद दूसरा टीका नागरिक ले सकते है़ं जिले में पहले से ही कोविशील्ड की आपूर्ति अधिक पैमाने पर हुई है़ इसकी तुलना में को-वैक्सीन की आपूर्ति कम है.

जिले में 22 जून तक कोविशील्ड के 3 लाख 17 हजार 620 डोज प्राप्त हुए है़ं इसमें से 2 लाख 54 हजार 571 ने पहला तथा 45 हजार 158 ने दूसरा. इस प्रकार कुल 3 लाख 729 नागरिकों ने टीका लिया है़ दूसरी ओर को- वैक्सीन के 53 हजार 360 डोज प्राप्त हुई़ इसमें 24 हजार 716 ने पहला तथा 20 हजार 797 ने दूसरा डोज लिया है़ बिना कोई संभ्रम के नागरिक केंद्र में जो टीका उपलब्ध हैं उसे ले, ऐसा आह्वान स्वास्थ्य प्रशासन ने किया है.