महात्मा गांधी के विचारों को सामने रख होंगा विकास कार्य -उल्हास देबडवार

  • दत्तपुर से सेवाग्राम मार्ग का किया निरीक्षण, वृक्ष बचाव समिति सदस्यों से चर्चा

वर्धा. सेवाग्राम यह हेरिटेज  है. महात्मा गांधी के विचारों को सामने रख इससे आगे विकास काम किये जाएंगे. शाश्वत विकास व सुरक्षा इन दोनों में समन्वय से होनेवाले विकास का मॉडेल सर्व सम्मति से तैयार किया जाएगा. वर्धा विकास का मॉडेल सभी के लिए मार्गदर्शक रहेंगा. उक्त प्रतिपादन मार्ग विकास विभाग के सचिव उल्हास देबडवार ने व्यक्त किया.

दत्तपुर से वर्धा 11.05 किमी मार्ग के चौडाईकरण में आनेवाले पेड न कांटे जाये इसके लिए विविध संगठन, संस्था व नागरिकों ने मिलकर वृक्ष बचाव समिति तैयार की है.  समिति के सदस्यों के विचार जानने व विकल्प खोजने हेतु रविवार को मार्ग विकास विभाग के सचिव उल्हास देबडवार की अध्यक्षता में बैठक हुई. जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी विवेक भीमनवार, अधीक्षक अभियंता श्रीमती साखरवाडे, कार्यकारी अभियंता गजानन टाके, सुषमा शर्मा, विभा गुप्ता, मुरलीधर बेलखोडे, डा़ आलोक बंग, डा़ विठ्ठल सालवे, म्हस्के, अभय देशपांडे, संजय इंगले तिगांवकर, श्रीकांत देशपांडे उपस्थित थे. सभी के विचार सुनने के बाद देबडवार ने कहा कि, वर्धा में वृक्ष बचाने लोग जागरुक है, इस बात की खुशी है.

सेवाग्राम केवल वर्धा या महाराष्ट्र तक सीमित नही है, बल्कि, जिस व्यक्ति के विचार व आचरण के समक्ष पूरा विश्व नतमस्तक होता है, उन महात्मा गांधी के निवास की जगह है. जिससे दुनिया के लिए काफी पवित्र जगह होकर विदेशी पर्यटक महात्मा गांधी जहा रहे, वहा आते हे, यह जगह विश्व के लिए हेरिटेज है. इसका विकास करते समय इससे आगे गांधी विचारों को ध्यान में रखा जाएगा. वृक्ष बचाव समिति ने रखा हर एक मुद्दा महत्वपूर्ण है, वह शासन के समक्ष रखा जाएगा, ऐसा भी उन्होने कहा. बैठक का प्रस्ताव शासन को प्रस्तुत किया जाएगा. जिसके बाद इस संबंध में हुआ निर्णय जिलाधिकारी के माध्यम से सभी को बताए जाने की जानकारी दी.

इस अवसर पर वृक्ष बचाव समिति के सदस्यों ने विचार रखे. जिसमें मुख्य रुप से एक भी पेड न कांटे, जो कांटे जाएंगे, उसे कांटने का कारण स्पष्ट करें, पूर्ण हुए सीमेंट कॉक्रींट के मार्ग पर जो पेड है, वह डेढ मीटर तक फोडकर उसमें मिट्टी, खाद भरने की व्यवस्था करें.काम करते समय पेड की जड खुली न हो, इसका ध्यान रखे. स्थानीय नागरिकों के विचार समझकर वैसा विकास का मॉडेल तैयार करें, ऐसी प्रतिक्रिया सदस्यों ने दी. कार्यकारी अभियंता गजानन टाके ने मार्ग की पूर्ण जानकारी दी.