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  • परीक्षा की तैयारी अधुरी, फिर भी घोषित की तिथि, ठिकरा कर्मचारियों के मत्थे, अंतत: रद्द करनी पडी परीक्षा

वर्धा. नागपुर विश्वविद्यालय ने तैयारी पूरी करने के पूर्व ही परीक्षा की तिथि घोषित करने से विश्वविद्यालय को ऐन मौके पर औंधे मुंह गिरना पडा. अंतत: विश्वविद्यालय पर परीक्षा रद्द करने की नौबत आयी है. किंतु इसका ठिकरा विश्वविद्यालय ने अपने सर न मढते हुये कर्मचारियों के सर मढ दिया है. जिससे कर्मियों में नाराजगी देखी जा रही है.

कोरोना संक्रमण के कारण ग्रीष्मकाल 2020 की परीक्षांए नही हो पाई थी. राज्य सरकार ने परीक्षा न लेते हुए सभी को उत्तीर्ण करने की पहल की थी. तत्पश्चात विद्यापीठ अनुदान आयोग (युजीसी) ने इस पर आपत्ति जताकर परीक्षा लेने का निर्णय लिया था. उपरांत यह मामला सुप्रिम कोर्ट तक जा पहुंचा. सुप्रिम कोर्ट ने अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा लेने का निर्णय दिया.

परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय ने परीक्षा की तैयारी आरंभ की. कोरोना के कारण ऑनलाईन परीक्षा लेने का निर्णय नागपुर विश्वविद्यालय ने लिया. छात्रों की ऑनलाईन संबंधी सभी जानकारी कॉलेजों के माध्यम से विश्वविद्यालय ने एकत्रित की. जिसके बाद परीक्षा गुगल प्ले स्टोअर से एैप लाऊनलोड करने के निर्देश दिये. किंतु एैप डाऊनलोड करते समय छात्रों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पडा. जिससे कॉलेजों में छात्रों की शिकायते बढने लगी. छात्र की जगह पर अन्य छात्र परीक्षा न दे सके इसके लिए विश्वविद्यालय ने अंतिम वर्ष के छात्रों के परीक्षा कॉर्ड पर युजर आयडी व पासवर्ड देने का निर्णय लिया. परंतु परीक्षा कॉर्ड उाऊनलोड करते समय कॉलेजो के पसिने छुट गए. एक ओर शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की हडताल तो दूसरी ओर विश्वविद्यालय के बेवसाईट में तकनीकी खराबी के चलते मंगलवार तक अनेक कॉलेजों को हॉल टिकट नही मिले. जिससे प्राचार्यां ने परीक्षा विभाग की ओर शिकायतों का पिटारा खोल दिया. कॉलेजों की बढती शिकायतों के कारण विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग द्वारा छात्रों ने दिए हुये मोबाईल पर युजर आयडी व पासवर्ड भेजने का निर्णय लिया.

परंतु ऐन समय पर यह निर्णय लेने के कारण व एैप में आ रही निरंतर खराबी के चलते मंगलवार को प्राचार्यां ने विश्वविद्यालय के खिलाफ मोर्चा खोला. तैयारी अधुरी होने के बाद भी परीक्षा की तिथि क्यों घोषित की, ऐसा आरोप कर प्राचार्यां ने परीक्षा रद्द करने की मांग की. प्राचार्यां की मांग उचित होने के कारण रातुम नागपुर विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया. किंतु यह निर्णय लेने के बाद विश्वविद्यालय ने पत्र निकाला जिसमें विश्वविद्यालय व कॉलेज कर्मचारियों के हडताल के कारण परीक्षा रद्द करने की बात कही है. वास्तविकता परीक्षा की तैयारी कॉलेज व विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने अपने स्तर पर पहले ही पूरी की थी. फिर भी अधिकारियों ने अपनी साख बचाने के लिये कर्मचारियों के हडताल का सहारा लिया.

वेबसाईट बनी परेशानी का कारण

गत कुछ वर्षा से विश्वविद्यालय का कामकाज ऑनलाईन हुआ है. प्रोमार्क कंपनी को परीक्षा संबंधी कामकाज दिया गया. परंतु कंपनी की वेबसाईट में निरंतर तकनीकी खराबी आने से पहले ही कॉलेज परेशान है. ऐसे में न्यायालय के निर्देश के कारण आनन–फानन में विश्वविद्यालय तैयारी पूरी करने के पूर्व ही तिथि घोषित की. जिससे अनेक समस्यायें निर्माण होने से परीक्षा रद्द करने नौबत आयी.

छात्रों में संभ्रम

ऑनलाईन परीक्षा को लेकर छात्रों में संभ्रम बना हुआ है. कॉलेजों को भी इस संदर्भ विस्तृत जानकारी नही है. विश्वविद्यालय द्वारा दिये जा रहे निर्देशों पर कॉलेजों का परीक्षा संबंधी कामकाज शुरू है. बार-बार सूचनाए आने के कारण छात्रों को भी समय पर जानकारी नही मिल रही है. जिससे छात्रों में संभ्रम बना हुआ है.