वंशवाद की राजनीति को लेकर कांग्रेस-राकांपा पर अमित शाह का निशाना, कोर्बिन विवाद उठाया

चिखली/वाशिम (महाराष्ट्र). केंद्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस की ब्रिटेन इकाई द्वारा वहां (ब्रिटेन में) लेबर

चिखली/वाशिम (महाराष्ट्र). केंद्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस की ब्रिटेन इकाई द्वारा वहां (ब्रिटेन में) लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन से बातचीत करने का मुद्दा उठाया और कांग्रेस तथा राकांपा पर वंशवाद की राजनीति का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक स्थिरता आई।

शाह ने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की ब्रिटेन इकाई के कोर्बिन से मुलाकात करने और कश्मीर मुद्दे पर चर्चा करने को लेकर पार्टी नेता राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए क्योंकि यह भारत के उस रुख के खिलाफ है कि कश्मीर में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं होगी और यह भारत का आंतरिक मामला है।

राहुल गांधी को इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।” कांग्रेस ने कहा है कि उसकी ब्रिटेन इकाई बाहरी लोगों से भारत के आंतरिक मामलों पर बातचीत के लिए अधिकृत नहीं है। बुलढाणा जिले के चिखली में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने का विरोध करने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा। शाह ने कहा, “महाराष्ट्र के लोगों को विकल्प चुनना होगा। कांग्रेस और राकांपा अपने-अपने परिवार के कल्याण के लिए काम करती हैं वहीं भाजपा और शिवसेना के मन में बस देश का हित है।”

उन्होंने कहा कि मई में दूसरी बार ऐतिहासिक जनादेश हासिल करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला फैसला अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए के प्रावधानों को निरस्त करना था जो देश में जम्मू-कश्मीर के एकीकरण में बाधा थे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “किसी प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे को छूने का साहस नहीं दिखाया। लेकिन मोदी जी ने यह किया। आज कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि अगर फैसला (अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त करने का) लिया गया तो घाटी में खून की नदियां बहेंगी और संसद में इसके खिलाफ मतदान किया। लेकिन, खून की एक भी बूंद नहीं गिरी।” गृहमंत्री ने कहा कि भाजपा के लिए देश की सुरक्षा, वोट बैंक की राजनीति से ज्यादा अहम है।

शाह ने कहा, “ विपक्ष क्यों पूछ रहा है कि अनुच्छेद 370 का महाराष्ट्र की राजनीति से क्या लेना-देना है? पूरा देश कश्मीर को भारत का हिस्सा देखना चाहता है और मोदी जी ने उस इच्छा को पूरा किया।” शाह ने कहा, “क्या महाराष्ट्र का कश्मीर से कोई लेना-देना नहीं है? बुलढाणा के सैनिकों ने कश्मीर की हिफाजत के लिए अपना बलिदान दिया। विपक्ष को नहीं लगता कि राष्ट्रीय मुद्दे महत्त्वपूर्ण हैं।”

शाह ने कहा कि पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद महाराष्ट्र (और हरियाणा में भी) में ये पहले चुनाव हैं और ये मतदाताओं को यह दिखाने का अवसर देते हैं कि वे इस अहम मुद्दे पर एक हैं। उन्होंने कहा, “ये चुनाव यह दिखाने का एक अवसर हैं कि इस मुद्दे पर पूरा देश एक है।” गृह मंत्री ने कहा कि एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) लागू होगा और 2024 तक प्रत्येक घुसपैठिए को देश से बाहर कर दिया जाएगा। शाह ने कहा कि इससे पहले जब पाकिस्तान के आतंकवादी भारत पर हमला करते थे तो कोई प्रतिक्रिया नहीं होती थी लेकिन 2014 में भाजपा के केंद्र में सत्ता में आने के बाद से यह रुख बदल गया। शाह ने आरोप लगाया, “मौनी बाबा (तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह) चुप रहे। लेकिन जब उरी और पुलवामा हुआ, मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई हमलों के जरिए जवाब दिया।

कांग्रेस और राकांपा देश को सुरक्षित नहीं रख सकते हैं।” शाह ने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि वह अगले पांच साल भी इस पद पर काबिज रहेंगे। उन्होंने चुनाव में उनके लिए तीन चौथाई बहुमत मांगा। शाह ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस-राकांपा सरकार के दौरान राजनीतिक स्थिरता नदारद थी। परिवारवाद की राजनीति को लेकर राकांपा पर व्यंग्य कसते हुये उन्होंने कहा कि पवार परिवार के सदस्य अजित पवार, सुप्रिया सुले और उनके बच्चे भी चुनाव लड़ रहे हैं। शाह ने कहा, “क्यों.. परिवार के बाहर कोई प्रतिभा नहीं है।

ऐसी ‘परिवारवादी’ पार्टियां राज्य एवं देश के कल्याण के लिए काम नहीं कर सकतीं।” उन्होंने कांग्रेस-राकांपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष फडणवीस या मोदी के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा सकता। शाह ने राकांपा प्रमुख पवार को उनके 55 साल के कामकाज पर नागपुर के “चौराहे” पर बहस करने की चुनौती दी। शाह ने कहा, “मैं भाजपा युवा मोर्चा की अध्यक्ष को उनके साथ बहस के लिए भेजूंगा।” वाशिम के करांजा में रैली को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2014 के चुनाव से पहले महाराष्ट्र में कोई राजनीतिक स्थिरता नहीं थी क्योंकि विकास प्रभावित था। उन्होंने कहा, ‘‘हमने फडणवीस के रूप में राजनीतिक स्थिरता प्रदान की।”

महाराष्ट्र चुनाव में अनुच्छेद 370 के मुद्दे को उठाने के लिए विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र तक ले गये, वहीं राहुल गांधी ब्रिटेन के साथ कश्मीर मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं। अमरावती जिले के मेलघाट में रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि दुनिया में भारत की छवि को सुधारने की रही। महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए 21 अक्टूबर को चुनाव होंगे।