खेततालाब की एक ही योजना पूर्ण

वाशिम. राज्य के सूखे की स्थिति पर मात करने के लिए राज्य शासन व भारतीय जैन संगठना (बीजेएस)की समन्वयता से सुजलाम सुफलाम अभियान चलाया गया़ इसके अंर्तगत वाशिम जिले में प्रस्तावित 64 खेततालाब व दो

वाशिम. राज्य के सूखे की स्थिति पर मात करने के लिए राज्य शासन व भारतीय जैन संगठना (बीजेएस)की समन्वयता से सुजलाम सुफलाम अभियान चलाया गया़ इसके अंर्तगत वाशिम जिले में प्रस्तावित 64 खेततालाब व दो वनतालाब इस प्रकार से कुल 66 कार्यों में से केवल एक ही खेततालाब का काम पूर्ण हुआ. 8 कार्य अधूरी स्थिति में होकर उर्वरीत 57 खेततालाब के कार्यों को शुरूवात भी नही हुई़ बारिश की अनियमितता व बारंबार निर्माण होनेवाली जलसमस्या पर मात करने के लिए राज्य शासन ने बीजेएस के समन्यवता से सुजलाम,सुफलाम अभियान चलाने का निर्णय गत वर्ष लिया गया था़ इसके अंर्तगत नाला गहराईकरण, मिट्टी निकालना, नाला सबलीकरण, सीसीटी , ड्रीप सीसीटी, नदी गहराईकरण समेत खेततालाब की खुदाई काम आदि जलसंधारण की कार्य प्रस्तावित थे. इसमें वाशिम जिले के छह तहसील में कुल 66 खेततालाब की कार्य किए जानेवाले थे. यह कार्य कृषि विभाग, वन विभाग समेत राजस्व विभाग के नियंत्रण में होने थे. इसके लिए बीजेएस ने जेसीबी व पोकलन मशीन उपलब्ध कराई थी़

8 अधूरी तो शेष 57 कार्यों को शुरूवात नहीं
दरम्यान इनमें से 9 कार्यों की शुरूवात हुई़ इनमें से एक खेततालाब का काम पूरा हुआ. तो 8 खेततालाब के काम अधूरे स्थिति छोडे गए़ उर्वरीत 57 खेततालाब के कार्यों की शुरवात भी नही हो सकी़ प्रत्यक्षता में सुजलाम सुफलाम अंर्तगत खेततालाब की कार्य करते समयी शासन के निर्धारित इंधन खर्च के दरों में पूर्ण होना संभव नहीं होने का प्रत्यक्षता में सामने आने से अब उर्वरित कार्य पूर्ण होने की संभावना नहीं रही है़

सुजलाम सुफलाम अभियान अंर्तगत मंगरुलपीर तहसील के 24, कारंजा तहसील के 23, मानोरा तहसील के 14, मालेगांव तहसील के 2 व रिसोड तहसील के एक खेततालाब खुदाई का काम प्रस्तावित किया गए थे़ इनमें वाशिम तहसील के चिखली का काम पूर्ण हुआ है़ तो कारंजा तहसील के धामणी व महागांव, मानोरा तहसील के इंझोरी, सोमनाथ नगर, मंगरुलपीर तहसील के पिंपलखुंटा, चांभई के खेततालाब व मालेगांव तहसील के सुकांडा व चिवरा के वनतालाब के काम अधूरे स्थिति में रहे है़ अन्य 57 खेततालाब के कार्यों को प्रशासन से शुरूवात नहीं हो सकी़ अब बारिश का मौसम शुरू होने से अधूरे स्थिति में रहने वाले कार्य पूर्ण होने की संभावना नहीं होने का सामने आ रहा है़