सूखाग्रस्त किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करें

वाशिम. पिछले वर्ष जिले में सूखे की पृष्ठभूमि पर जिले में किसानों को अभी तक शासन व्दारा पर्याप्त सहायता नहीं मिली़. जिस कारण से किसान आत्महत्या कर रहे है. किसानों को त्वरीत आर्थिक सहायता व फसल बीमा का

वाशिम. पिछले वर्ष जिले में सूखे की पृष्ठभूमि पर जिले में किसानों को अभी तक शासन व्दारा पर्याप्त सहायता नहीं मिली़. जिस कारण से किसान आत्महत्या कर रहे है. किसानों को त्वरीत आर्थिक सहायता व फसल बीमा का लाभ दिया जाने की मांग रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष तेजराव वानखडे ने की है़ प्रकरण में जिलाधिकारी को एक निवेदन सौंपा गया है़ निवेदन में कहा गया कि, पिछले वर्ष अक्टूबर -नवंबर में वापसी की बरसात से जिले में किसानों के सोयाबीन, तुअर, कपास, सब्जियां आदि फसलों का बड़े प्रमाण में नुकसान होकर उपजाऊ भूमि भी क्षतिग्रस्त हुई थी़ इस आसमानी संकट से किसान निराश हो गया़ यह गंभीर परिस्थिति पूरे वाशिम जिले में होकर नगद फसलों सहित फलबाग भी नष्ट हुए है़ इन किसानों को आत्महत्या करने से रोककर उनमें नए से उत्साहपूर्ण जीने के लिए शासन ने जिले में सूखा घोषित करने की मांग जिले भर से हो रही थी.

-सहायता न मिलने से किसान निराश

दरम्यान शासन ने फसलों की पैसेवारी कम करके किसानों को विविध सवलियत व आर्थिक सहायता दी थी, लेकिन यह सहायता बहुत ही कम होकर किसानों को पूर्ण नुकसान भरपाई अंतर्गत उनके खाते में शीघ्र पर्याप्त राशि जमा करने की आवश्यकता है़ सूखे के सर्वेक्षण के लिए सत्ताधारियों ने चांदा से बांदा तक खेत के बांधों पर जाकर फसलों का जायजा लेकर किसानों को त्वरित प्रति हेक्टरी 50 हजार रुपयों तक आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था़. किसानों को अभी तक पर्याप्त सहायता नहीं मिलने से ये किसान निराश हुए है़ किसान ये भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य घटक होकर किसान यह सभी का अन्नदाता है. इन किसानों पर निसर्ग से बड़ा संकट खड़ा हो गया है़ ऐसे संकट के समय में शासन ने किसानों के साथ खडे रहकर उनको शीघ्र हेक्टरी 50 हजार रुपये आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने व उसी प्रकार से किसानों का सातबारा कोरा कर के किसानों को कर्जमुक्ति करने की मांग वानखडे ने दिए निवेदन में की है़

इस अवसर पर जिलाधिकारी से चर्चा करते समय रिपाइं के जिलाध्यक्ष तेजराव वानखडे सहित जिला कार्याध्यक्ष शेषराव मेश्राम, जिला उपाध्यक्ष मोहनसिंग राठोड, जिला उपाध्यक्ष रामदास भगत, वद्यिार्थी जिलाध्यक्ष राहुल मैंदकर, महासचिव नीलेश कंकाल, तहसील अध्यक्ष माणिकराव जामनिक, हिरामन साबले, रवि भगत चिखली, सुखदेव मैंदकर, कैलास मैदकर, अमोल खाडे, मिलिंद इंगोले, अमोल खाडे, रामदास भगत, विजेंद्र खाडे, देवचंद खाडे, उल्हास इंगोले, दिलीप कांबले, वष्णिू वानखडे, विनोद इंगोले, धनंजय कांबले आदि सहित पदाधिकारी उपस्थित थे़.