गणेशोत्सव व मोहरम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखें

वाशिम. जिले में 13 सितबंर से शुरू हो रहे गणेशोत्सव व 20 सितबंर से शुरू हो रहे मोहरम त्योहार शांति पूर्ण मनाकर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी समाजबांधवों ने प्रशासन को सहकार्य करने का आह्वान

वाशिम. जिले में 13 सितबंर से शुरू हो रहे गणेशोत्सव व 20 सितबंर से शुरू हो रहे मोहरम त्योहार शांति पूर्ण मनाकर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी समाजबांधवों ने प्रशासन को सहकार्य करने का आह्वान जिलाधिकारी लक्ष्मीनारायण मिश्रा ने किया है. वे गणेशोत्सव व मोहरम के पृष्ठभूमि पर जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित कानून व व्यवस्था जायजा बैठक में वे बोल रहे थे.

इस अवसर पर जिप के मुख्यकार्यकारी अधिकारी दीपककुमार मीणा, जिला पुलिस अधीक्षक मोक्षदा पाटिल, अप्पर पुलिस अधीक्षक स्वप्ना गोरे, निवासी उपजिलाधिकारी शैलेश हिंगे, वाशिम के नगराध्यक्ष अशोक हेडा समेत उपविभागीय अधिकारी, सभी तहसीलदार, पुलिस निरीक्षक नप के मुख्यधिकारी उपस्थित थे.

गणेश विसर्जन जुलुस मार्ग के गढ्डे शीघ्र बुझाएं
गणेशोत्सव कालावधि में समाजप्रबोधन पर उपक्रमों का आयोजन करे़ व उसी प्रकार से डांल्बी का उपयोग न करते हुए पारंपारिक वाद्यों का उपयोग करना चाहिए. गणेशोत्सव व विसर्जन जुलुस शांतिपुर्ण सपंन्न होने के लिए सभी ने नियमों का पालन करना आवश्यक है. जिलाधिकारी ने संबधित नगर परिषद व ग्रामपंचायतों को आदेश दिया है कि वह गणेश विसर्जन जुलुस मार्ग पर पड़े गड्ढे शीघ्र बुझाएं साथ ही इस मार्ग पर विद्युत व्यवस्था व अन्य विसर्जन स्थानों पर दमकल व स्वास्थ दल तैनात करें. उसी प्रकार से सुरक्षा व्यवस्था हेतु गणेशोत्सव मंडलों ने अपने मंडप में सीसीटीवी कैमरा लगाने के आदेश भी दिए. गणेश विसर्जन संपन्न होने के लिए राजस्व विभाग, महावितरण विभाग, सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग तथा संबधित विभागों ने इस विसर्जन मार्ग का जायजा लेकर योग्य कार्यवाही करे.

उत्सव मनाते समय कानून का उल्लंघन न करें: पाटिल
गणेशोत्सव कालावधि में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधनात्मक उपाय योजना करते समय पुलिस प्रशासन से प्राप्त प्रस्तावों पर संबंधित उपविभागीय अधिकारियों ने तत्काल निर्णयीत करने के आदेश दिए है. जिला पुलिस अधीक्षक मोक्षदा पाटिल ने कहा कि त्योहार, उत्सव मनाते समय कायदे का उल्लंघन नही होना इस बाबत सावधानी संबंधित गणेश मंडलों ने बरतना चाहिए. सर्वोच्च न्यायालय के आदेशनुसार सड़को पर मंडप बांधना, ध्वनिप्रदुषण करना व उसी प्रकार से शोभायात्रा में डेकोरेशन के लिए शस्त्रों का उपयोग करना अपराध है. इस अवसर पर पूर्व विधायक पुरुषोत्तम राजगुरु, नप के पूर्व उपाध्यक्ष माधवराव अंभोरे, ला वसंतराव धाडवे नितिन उलेमाले, अबरार मिर्झा, जुगलकिशोर कोठारी आदी ने विचार रखे.