America targeted China for the suppression of religious freedom
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    वाशिंगटन: अलास्का (Alaska) में अमेरिका-चीन (America-China) की महत्वपूर्ण बैठक से पहले प्रभावशाली 20 सांसदों के समूह ने राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) तथा विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) से ताइवान (Taiwan) को समर्थन देने का अनुरोध करते हुए दक्षिण चीन सागर (South China Sea) में तथा भारत (India) समेत अन्य पड़ोसियों के खिलाफ चीन के आक्रामक बर्ताव का मुद्दा उठाने के लिए कहा।

    कांग्रेस सदस्य एश्ले हिन्सन के नेतृत्व में सांसदों ने गुरुवार को कहा, ‘‘एक ओर जहां अमेरिका दक्षिण चीन सागर में बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है तो वहीं चीन लगातार इन प्रयासों को कमजोर कर रहा है तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दुर्भावनापूर्ण एवं आक्रामक गतिविधियों में लिप्त है और साथ ही वह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन कर रहा है। चीन निर्लज्जता से मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन कर रहा है तथा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का सम्मान नहीं कर रहा।”

    उन्होंने कहा, ‘‘चीन ने अपनी उइगर आबादी के खिलाफ विभत्स जनसंहार किया, हांगकांग के लोकतंत्र पर हमला किया, भारत-चीन की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अवांछित लड़ाई की तथा ताइवान खाड़ी का लगातार सैन्यीकरण किया। यह स्पष्ट है कि सीसीपी अमेरिकी हितों या मूल्यों को नजरअंदाज कर रही है।” सांसदों ने कहा कि यह आवश्यक है कि बाइडन प्रशासन लोकतंत्र को खत्म करने की चीन की कोशिशों के खिलाफ खड़ा हो और यह स्पष्ट करें कि ताइवान के लिए अमेरिका का समर्थन अटल है।

    उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 40 वर्षों में ताइवान हमारे मजबूत सहयोगियों में से एक बनकर उभरा है। ताइवान ने समय-समय पर अमेरिका के लिए अपनी प्रतिबद्धता साबित की है।”