Protesters have not left Mahatma Gandhi's statue as well: Trump

वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि खुफिया अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी है कि रूसी अधिकारी गोपनीय तरीके से अफगानिस्तान में तालिबान को अमेरिकी सैनिकों की हत्या करने पर इनाम देने की पेशकश कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने शनिवार को खबर प्रकाशित की थी जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए जारी शांति वार्ता के बीच रूसी सैन्य खुफिया इकाई गुप्त रूप से तालिबान से जुड़े आतंकवादियों को अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों सहित गठबंधन सेनाओं को निशाना बनाने पर इनाम देने की पेशकश कर रही हैं।

द वाशिंगटन पोस्ट, वॉल स्ट्रीट जर्नल और सीएनएन सहित कई अन्य मीडिया संस्थानों ने भी इसी तरह की खबर दी और बताया कि ट्रम्प को इस पूरे मामले से अवगत कराया गया है। ट्रम्प ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, ‘‘ किसी ने भी मुझे जानकारी नहीं दी है या उप राष्ट्रपति माइक पेंस या चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मिडोज को कथित तौर पर अफगानिस्तान में हमारे सैनिकों पर रूसियों के हमले की जानकारी नहीं दी है जैसा कि फर्जी खबर न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा अज्ञात सूत्रों के हवाले से दी गई है।” उन्होंने कहा, ‘‘सभी इसका खंडन कर रहे हैं और हम पर कई हमले नहीं हुए हैं। ट्रम्प प्रशासन के अलावा कोई रूस के प्रति इतना सख्त नहीं रहा है।” उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स से स्रोत का नाम उजागर करने की मांग की।(एजेंसी)