Petition filed against ban on entry of people in second wave of Corona in India rejected by Australian court, know the whole case
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    मेलबर्न: प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Prime Minister Scott Morrison) ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस (Corona Virus) से बुरी तरह प्रभावित भारत (India) से स्वदेश लौटने वाले ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों (Australian Citizens) पर 15 मई तक लगा यात्रा प्रतिबंध (Travel Ban) आगे नहीं बढ़ाया जाएगा तथा उन्हें स्वदेश लाने वाले विमान जल्द ही उड़ान भरेंगे। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इतिहास में पहली बार हाल ही में स्वदेश लौटने से पहले भारत में 14 दिन तक का वक्त बिताने वाले अपने नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है।

    इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर सरकार ने पांच साल कैद या 50,899 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है। इस मामले पर सरकार के आदेश की अवधि 15 मई को समाप्त हो जाएगी। राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की शुक्रवार को हुई बैठक के बाद मॉरिसन ने इस पर सहमति जताई कि इस अवधि को और बढ़ाने की जरूरत नहीं है।

    उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला लिया गया कि 15 मई तक का सुरक्षा आदेश काफी प्रभावी साबित हुआ और इसकी अवधि पूरी होने तक इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।” मॉरिसन की टिप्पणियां तब आई है जब एक दिन पहले 73 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिक ने सिडनी की संघीय अदालत में प्रतिबंध को चुनौती दी। यह व्यक्ति पिछले साल मार्च से बेंगलुरु में फंसा हुआ है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम भारत से लोगों को लाने के लिए पहला विमान भेजने की तैयारी कर रहे हैं।”

    उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत तक तीन विमान भेजे जाएंगे जिससे ऑस्ट्रेलियाई नागरिक वापस आ सके। उन्होंने कहा, ‘‘विमान पर सवार होने वाले हर शख्स की रैपिड एंटीजन जांच की जाएगी। हमारे सामने भारत से आने वाले लोगों के साथ संक्रमण के भी आने का खतरा था।”

    मॉरिसन ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि भारत में फंसे 9,000 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों में से कितने कोविड-19 से संक्रमित हुए लेकिन स्वदेश लौटने के लिए विमान में सवार होने से पहले किसी भी व्यक्ति को कोविड-19 से संक्रमित न पाए जाने की रिपोर्ट देनी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम रैपिड एंटीजन जांच करेंगे क्योंकि हम पर यह तय करने की जिम्मेदारी है कि लोगों को वापस लाने के साथ-साथ देश में संक्रमण फैलने का खतरा भी न्यूनतम हो।”