Farmer protest

वाशिंगटन. अमेरिका (US lawmakers) के कई सांसदों ने भारत में नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया है और उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। किसानों के प्रदर्शन (Indian farmers protest) पर विदेशी नेताओं के बयानों को भारत ने ‘‘भ्रामक” और ‘‘अनुचित” बताया है और कहा है कि यह एक लोकतांत्रिक देश का आंतरिक मामला है। अमेरिकी कांग्रेस के सांसद डग लामाल्फा (Doug LaMalfa)ने सोमवार को कहा, ‘‘भारत में अपनी आजीविका बचाने की खातिर और सरकार के भ्रामक, अस्पष्ट नियम-कायदों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पंजाबी किसानों का मैं समर्थन करता हूं।”

कैलिफोर्निया से रिपब्लिकन सांसद ने कहा, ‘‘पंजाबी किसानों को अपनी सरकार के खिलाफ हिंसा के भय के बगैर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत होनी चाहिए।” गौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा और कुछ अन्य राज्यों के हजारों किसान केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में 26 नवंबर से दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। डेमोक्रेट सांसद जोश हार्डर ने कहा, ‘‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उसे अपने नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति देनी चाहिए। मैं इन किसानों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्थक बातचीत की अपील करता हूं।” सांसद टी जे कॉक्स ने कहा कि भारत को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को बरकरार रखना चाहिए और अपने नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। सांसद एंडी लेवी ने कहा कि उन्हें भारत में किसानों के आंदोलन से प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे 2021 में जनता की ताकत को उभरने के तौर पर देखता हूं।”

भारत में किसानों के आंदोलन को अमेरिका की मुख्यधारा की मीडिया ने भी जगह दी है। ‘न्यूयार्क टाइम्स’ ने लिखा है, ‘‘प्रदर्शन दिल्ली के बाहर तक फैल गया है। किसानों ने दक्षिणी राज्यों केरल और कर्नाटक तथा पूर्वोत्तर के राज्य असम में भी मार्च निकाला और बैनरों के साथ प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों ने भी एकजुटता दिखाते हुए दिल्ली से लगी राज्य की सीमा पर प्रदर्शन किया।” ‘सीएनएन’ की एक खबर के मुताबिक हजारों किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं। इन किसानों को आशंका है कि नए कानूनों से उनकी रोजीरोटी पर असर पड़ेगा।(एजेंसी)