iran
Pic: Social Media

    नई दिल्ली. ईरान से आ आरही एक बड़ी खबर के अनुसार, यहां ब्रिटेन के डिप्टी ऐम्बैस्डर जाइल्स व्हिटेकर सहित कई विदेशी नागरिकों को जासूसी के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किया गया है। वहीं प्राप्त मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इन लोगों पर मिसाइल एक्सरसाइज के दौरान मिलिट्री जोन में जासूसी करने और वहां की मिट्टी के नमूने लेने का आरोप लगाया है।

    Courtsey: World conflicts Monitoring Center

    इतना ही नहीं इस बाबत IRGC ने एक वीडियो फुटेज भी जारी किया है, जिसमें यह दावा किया गया है कि व्हिटेकर ईरानी सेना की मिसाइल एक्सरसाइज साइट पर मौजूद थे। हालांकि, ब्रिटेन के फॉरेन ऑफिस ने ब्रिटिश डिप्लोमैट की गिरफ्तारी की कहानी को पूरी तरह से झूठा बताया है।

    इस बाबत ईरान के निजी मीडिया द जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि डेप्युटी अंबेसडर ने इस बाबत माफी मांग ली है और उन्हें निष्कासित भी कर दिया गया है। इसमें यह भी बताया गया कि हिरासत में लिए गए संदिग्धों में से एक ने विश्वविद्यालय के साथ वैज्ञानिक आदान-प्रदान के प्रतभागी के तौर पर ईरान में प्रवेश किया था। 

    तो वहीं IRGC ने यह भी दावा किया कि संदिग्ध ने कुछ इलाकों में मिट्टी का नमूना लिया है। उनकी रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि राजनयिकों का उपयोग अक्सर सैन्य स्थलों की तलाश करने और उपकरण और युद्ध सामग्री की पहचान करने के लिए भी किया जाता है।