Ujwala Yojna, Yavatmal

यवतमाल. केंद्र सरकार द्वारा गरीब परिवारों की सहायता के लिए 2016 से शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्वला गैस योजना का लाभ ज्यादा ग्रामीण परिवारों को स्वस्त रखने में मदद मिल रही थी. यह लाभदायक योजना अचानक बंद कर दी गई है, जिसके कारण गरीबों को अब मुफ्त गैस कनेक्शन मिलना बंद हो जाएगा. इसके कारण फिर से लकडी चुल्हा और धूवां वाले चूल्हे जलने के संकेत दिखाई दे रहे हैं.

उज्वला गैस योजना के लाभ पानेवाले गरीब परिवारों की संख्या में बढोत्तरी हो चुकी थी, लेकिन सिलेंडर खर्च की बचत से वंचित हो जाने का डर इन गरीब परिवारों को परेशान कर रहा है. खाना बनाने हेतू स्वच्छ इंधन का उपयोग को बढावा देने के लिए मोदी सरकार ने यह योजना 1 मई 2016 से बडे ही धुमधाम से आरंभ की थी, हानिकारक केरोसिन, धुंवायुक्त लकडी का इंधन, गोबरी आदि द्वारा होनेवाले प्रदूषण से छूटकारा पाने गरीब महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार हेतू इस योजना का उद्देश्य था. लेकिन इस योजना के बंद कर देने से फिर से वही स्थितियां निर्माण हो जाने का खतरा पैदा हो गया है.

3 लाख परिवारों को मिल रहा था योजना का लाभ, यवतमाल जिले में प्रधानमंत्री उज्वला गैस योजना का लाभ लगभग 2 लाख 79 हजार परिवारों को मिल रहा था. इस योजना के अंतर्गत 6 लाख 47 हजार गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे थे. जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र में बडे स्तर पर इस योजना का लाभ मिल पा रहा था. इस योजना में परिवार प्रमुख बनाकर महिला को सम्मानित किया जा रहा था. योजना में एक ही परिवार में एक ही कनेक्शन के कारण पारदर्शकता भी दिखाई देती थी. केंद्र सरकार ने गैस वितरकों को विशेष टार्गेट देकर ग्रामीण क्षेत्र में अधिक लाभ देने की योजनाबद्ध कार्य किया था, मेलावे जनजागृति करके इस योजना को गरीब परीवारों तक ले जाने का कार्य किया था. 

प्रधानमंत्री ने ऐसे नहीं करना चाहिए- भाजपा पार्षद

प्रधानमंत्री ने उज्वला गैस योजना बंद नहीं करनी चाहिए. इसके कारण कईयों के संसार परेशानी में आ जाएंगे. एक ओर कोरोना महामारी का संकट तो दूसरी ओर अचानक उज्वला गैस योजना बंद हो जाना, यह ठिक नहीं है, अब गरीबों को आर्थिक संकट से जुझना पडेगा.

-लता रमेश ठोंबरे, नप पार्षद, यवतमाल.

उज्वला गैस योजना की मदद समाप्त होना गरीबों पर अन्याय है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरंभ की उज्वला गैस योजना अचानक बंद हो जाने से गरीब परिवारों पर बहोत अन्याय हुआ है, यह बहोत अन्यायकारक है, यह योजना बंद नहीं शुरू रहनी चाहिए.

-निर्मला अरुण भगत, वाघापुर, यवतमाल.

गरीबों की योजना बंद मत किजिए!

प्रधानमंत्री उज्वला गैस योजना से मिलनेवाले सिलेंडर पर हमारा खाना बनता था. अचानक इस योजना के बंद हो जाने से गरीब परिवारों पर आर्थिक संकट निर्माण होगा, केंद्र सरकार का यह निर्णय उचित नहीं है.

-सुनिता राजू पायघन, उज्वला लाभार्थी.

पहले खाना पकाने के लिए लडकी जलतन ढूंढ-ढूंढ कर लाना पडता था, लेकिन उज्वला योजना से हमे केवल महज सौ रुपयों गै कनेक्शन मिल गया था. साथ ही कोरोना महामारी में दो सिलेंडर मुफ्त दिए गए थे, इस योजना के कारण हम जैसे गरीब परिवारों को मदद मिल रही थी, यह योजना सरकार ने बंद नहीं करनी चाहिए!

-इंदिराबाई गावंडे, पिंपलगांव, यवतमाल.

उज्वला योजना यह कई गरीब परिवारों के लिए लाभदायक योजना साबित हुई है, लेकिन अब यह योजना 30 सितंबर तक सिमित होने के कारण नये कनेक्शन नही मिलेंगे, मेरा जल्द ही ब्याह होना है, मुझे भी इस योजना का लाभ मिलना चाहिए, सरकार ने यह योजना बंद दी है, जिसके कारण मुझे इस योजना से वंचित रहना होगा, यह मुझ जैसों पर अन्याय है.

-अर्चना खडसे, यवतमाल.

सरकार की उज्वला योजना का लाभ मिला तो घर में चुल्हे की जगह गैस सिगडी ने ले ली, जिसके कारण समय की बचत हुई और अन्य कामों के लिए समय मिल गया, शुरूवात में सिर्फ 100 रुपए में योजना का लाभ मिलने पर समाधान हुवा, लेकिन अब सरकार ने यह लाभकारी योजना बंद नहीं करनी चाहिए, इस योजना को फिर से कार्यान्वित करना चाहिए.

-लक्ष्मीबाई धवने, यवतमाल.

प्रधानमंत्री उज्वला गैस योजना शुरू रखी जाए, पारदर्शकता को महत्व दें. गरीबों को इस योजना लाभ मिला है, लेकिन थोडी और भी पादर्शकता होनी चाहिए.

-सुहास व्यवहारे, व्यवस्थापक, दत्त गैस एजंन्सी, यवतमाल.