आदर्श कारोबार के कारण ही जैन ओसवाल पतसंस्था की प्रगति

अहमदनगर. सहकार की वैभवशाली विरासत का जतन करते हुए अहमदनगर में विगत 20 सालों में सहकार महर्षि जैन ओसवाल पतसंस्था ने अपना एक अलग स्थान निर्माण किया है. सभासद और ग्राहकों को केंद्र बिंदू मानकर अनुशासन और पारदर्शकता से कारोबार करने पर संस्था ने जोर दिया. छोटे व्यवसायिकों को मजबूत कराने के लिए पतसंस्था ने विविध कर्ज याजनाओं के माध्यम से भारी सहायता की. जैन ओसवाल पतसंस्था के पदाधिकारियों के आदर्श कारोबार के कारण ही पत संस्था की भारी प्रगति हुई है. ऐसा प्रतिपादन जैन कान्फ्रेंस दिल्ली के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक उर्फ बाबूशेठ बोरा ने किया.

    नगर शहर के अर्बन बैंक रोड पर सहकार महर्षि सुवालाल गुंदेचा जैन ओसवाल पतसंस्था की स्वामित्व की नई इमारत के निर्माण कार्य का शुभारंभ बोरा के हाथों किया गया. इस अवसर पर पतसंस्था के चेयरमैन ईश्वर बोरा,वाईस चेयरमैन किरण शिंगी,संचालक समीर बोरा,मनोज गुंदेचा,संतोष गांधी,शैलेश गांधी,अभय पितचले,शांतीलाल गुगले,सुवर्णा डागा,राखी मुनोत,पंडित खरपुडे,विनय भांड,लता कांबले,विशेषज्ञ संचालक सीए विशाल गांधी,सीए संकेत पोखरणा,पूर्व चेअरमन शैलेश मुनोत समेत मान्यवर उपस्थित थे.अशोक बोरा ने कहा की,स्व.सुवालाल गुंदेचा ने लगाए पतसंस्था के इस छोटे पौधे का अब बडवृक्ष में रूपांतर हो रहा है.संस्था के सभी पदाधिकारी,संचालक और कर्मचारी प्रभावी रूपसे काम कर रहे है. जल्द ही पतसंस्था का बैंक में रुपांतर होनेकी उम्मीद बोरा ने अपने भाषण में व्यक्त की.चेअरमन ईश्वर बोरा ने स्वागत करते पतसंस्था कारोबार के बारेमें जान कारी दी.वाईस चेअरमैन किरण शिंगी,ईश्वर भंडारी,पत्रकार प्रकाश भंडारे,संजय गुगले,पंडित खरपुडे आदि के भाषण हुए.पतसंस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत भंडारी ने आभार व्यक्त किए.