40 लाख में बनेगा 1 स्मार्ट शौचालय, जगह के अभाव में अटका 20 का निर्माण

अमरावती. महानगरपालिका फिर एक बार महिलाओं के साथ साथ अब पुरुषों के लिए शौचालय का निर्माण करने जा रही है. हालांकि इस बार मनपा को जगह ही नहीं मिलने से निर्धारित किए गए 26 शौचालयों में से मात्र 6 के लिए ही जगह ढूंढकर शौचालयों का निर्माण आरंभ किया गया. विशेष बात यह है कि इस स्मार्ट 1 शौचालय के लिए 40 लाख रुपयों का खर्च बताया गया है. जिससे यह शौचालय भी कैसे होगा और उसे देखने की लालसा नागरिकों के मन में निर्माण हुई है. 

दुमंजिला इमारत, 20 कम्पार्टमेंट 

शहर में गाड़गेनगर, इर्विन चौक, पीडीएसी, सीयाराम शोरुम राजापेठ, प्रभात चौक और मनपा परिसर में यह शौचालय बनाया जा रहा है. मनपा में शौचालय का निर्माण पूर्ण हो चुका है. इस स्मार्ट शौचालय की दो मंजिला इमारत तैयार की जा रही है. जिसमें महिलाओं के लिए 10 कम्पार्टमेंट और पुरुषों के लिए 10 कम्पार्टमेंट तैयार किए जा रहे है. महिला व पुरुषों के लिए चेजिंग रुम के साथ साथ सुविधा भी इस शौचालय में रहेगी. मनपा ने जहां जहां स्पॉट का निरीक्षण किया लेकिन कहीं पर जगह कम पड़ रही तो कहीं पर जगह ही उपलब्ध नहीं है. उदाहरण के तौर पर वेलकम पाईंट पर महिला व पुरुषों के लिए शौचालय बनाना समय की जरुरत है. लेकिन यहां पर मनपा की जगह नहीं है और कोई भी संस्था जगह देने के लिए आनाकानी करती है. ऐसे में कहां बनाए यह समस्या निर्माण हुई है. 

महिलाओं की मुश्किलों का होगा निपटारा

मार्केट में आनेवाली महिलाओं के साथ ही पुरुष वर्ग कहीं पर भी शौचालय का ठिकाणी ढूंढते है. जिससे परिसर में गंदगी फैलती है, लेकिन महिलाएं अपनी व्यथा बयां भी नहीं कर सकती. हालांकि इसके पूर्व भी महिलाओं के लिए शौचालय के नाम पर मनपा में करोड़ों रुपयों का घोटाला हुआ. जिसमें से एक भी शौचालय अब उपलब्ध नहीं है. लेकिन स्वच्छ भारत अभियान में शहर की स्वच्छता के लिए मनपा को दुबारा करोड़ो रुपयों की निधि शौचालय पर खर्च करनी पड़ रही है. सोचनेवाली बात यह है कि, शौचालय तैयार होने के बाद भी यदि इन शौचालयों पर प्रतिष्ठानों में काम करनेवाले कर्मचारियों का इस्तेमाल अधिक बढ़ जाएगा जिससे भी महिलाओं को परेशानियों का सामना न करना पड़े ऐसा सवाल निर्माण किया जा रहा है. 

जगह की खोज जारी 

मात्र 6 जगहों पर ही निर्माण कार्य शुरू है. प्रभात टाकीज के पास स्थित शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन कोविड़ 19 के कारण संसर्ग फैलेगा इसलिए ताला खोला नहीं गया. शौचालयों के लिए निधि उपलब्ध है लेकिन 20 जगह मिलने से निर्माण कार्य अटका है. इसलिए जगह ढूंढना शुरू है. – रवींद्र पवार, शहर अभियंता मनपा