Market Parvana incurs loss of 2.50 crores, losses in Corona

अमरावती. महानगरपालिका के अंतर्गत बडनेरा जोन में 452 शौचालय निर्माण का 77 लाख रुपए बिल निकालने के लिए अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का सनसनीखेज मामला गुरुवार को उजागर हुआ है. इस बील को मंजूर कराने के लिए फर्जी हस्ताक्षरों वाली फाइल सिधे आयुक्त के टेबल पर आयी. निगमायुक्त प्रशांत रोडे को संदेह होने पर अन्य अधिकारियों से पूछा गया. इस फाइल को लेकर सभी अधिकारियों की अनभिज्ञता के बाद निगमायुक्त ने जांच के आदेश दिए है. 

सीधे आयुक्त के पास आयी फाइल
अगस्त 2018 में बडनेरा में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत 452 शौचालयों को बनाने का ठेका दिया गया. इन शौचालयों को पूर्ण करने के चलते ठेकेदार ने मनपा के अधिकारियों से सांठगांठ कर बिल निकालने के लिए फाइल तैयार की. लेकिन यह फाइल उपअभियंता, अभियंता, सहायक आयुक्त, तत्कालीन उपायुक्त के माध्यम से ना आते हुए फर्जी हस्ताक्षर कर सीधे निगमायुक्त के टेबल पर पहुंची. दौरान उपायुक्त बदल जाने से उनके हस्ताक्षर भी अनिवार्य थे. निगमायुक्त रोडे के यह बात ध्यान में आते ही उन्होंने सभी अधिकारियों को बुलाया तो सभी ने हस्ताक्षर उनके नहीं होने की बात कहते ही प्रशासन को 77 लाख रुपयों का चूना लगाने का षडयंत्र सामने आया, जिससे निगमायुक्त ने उपायुक्त विजय खोराटे को इस मामले की जांच सौंपी.

जांच के आदेश दिये
इस संदर्भ में उपायुक्त विजय खोराटे के नेतृत्व में जांच के आदेश दिये है. फाइल कैसे पहुंची यह भी जांच के बाद ही पता चलेगा-चेतन गांवडे, महापौर