Irrigation by bringing water from bucket, the couple's struggle to save paddy crop
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    अमरावती. जिले की सिंचाई योजनाओं और जल संसाधनों की छठी गणना शुरू हो रही है. जिसके तहत आवश्यक तहसीलस्तरीय समितियां गठित कर कार्रवाई को गति देने के निर्देश अतिरिक्त जिलाधीश रामदास सिद्धभट्टी ने मंगलवार को दिए है. लघुसिंचाई योजना व जलस्त्रोतों की छठी प्रणगना जिलास्तरीय समिति की आनलाईन बैठक सिद्धभट्टी की अध्यक्षता में हुई. जिसमें सदस्य सचिव तथा जिला जलसंधारण अधिकारी दिलीप निपाणे समेत विविध अधिकारी उपस्थित थे.

    मैनपावर, प्रशिक्षण का नियोजन करें

    सिद्धभट्टी ने कहा कि गणना कार्य के लिए जल संपदा, जल संधारण, जिला परिषद के सिंचाई विभाग के साथ ग्राम स्तर पर ग्रामसेवक, पटवारी, कृषि सहायकों को भी शामिल किया जाए. इसी प्रकार क्षेत्रीय या पर्यवेक्षण कार्य के लिए अन्य मैनपावर के लिए प्रावधान के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए. इस गणना के लिए प्रगणकों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम की योजना उसी के अनुसार बनाई जाए.

    प्रत्येक जल संसाणन की गणना

    भू सतह से नीचे जल उपयोग के लिए कुएं, उथली, मध्यम और गहरी कूपन पाइपनलिकाएं, 2 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की लघुसिंचाई योजनाएं, बांध, नहरें, बंद नलिका वितरण प्रणाली आदि से किया जानेवाली प्रवाही सिंचाई तथा नदी, नाले, बांध, जलाशय आदि पर की उपसा सिंचाई योजना, नागरी व ग्रामीण क्षेत्र के जलभंडार व 2 हजार हेक्टेयर से अधिक सिंचाई क्षमतावाले बडे व मध्यम प्रकल्प, उपसा सिंचाई योजना, उसी प्रकार कृषि व मृदसंधारण विभाग के सिमेंट बांध, खेत तालाब, सिंचाई कुएं, भूजल सर्वेक्षण यंत्रणा से संबंधी कूपनलिका आदि की गणना होने की जानकारी निपाने ने दी है.