आधुनिक टेक्निकल एक्सीलन्स सेंटर स्थापित

  • एमजीएम विश्वविद्यालय में केंद्रीय मंत्री गडकरी के हाथों कल उद्घाटन

औरंगाबाद. एमजीएम विश्वविद्यालय ने अमेरिका के एमएससी साफ्टवेयर और पुणे के सिग्मा कंपनी के सहयोग से आधुनिक टेक्निकल एक्सीलन्स सेंटर की स्थापना की है.

इस सेंटर का उद्घाटन महात्मा गांधी मिशन के 38वें स्थापना दिन के उपलक्ष्य में कल रविवार 20 दिसंबर को केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हाथों किया जाएगा. यह जानकारी एमजीएम विश्वविद्यालय के संस्थापक कमलकिशोर कदम और कुलगुरु डॉ. सुधीर गव्हाणे ने दी.

तकनीकी कौशल से छात्र होंगे अवगत

पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि डिग्री हासिल किए इंजीनियरों को आज के औद्योगिक विश्व में शामिल होने के लिए जरुरी अधिक कौशल प्रदान करने के मकसद से एमजीएम विश्वविद्यालय ने आधुनिक टेक्निकल एक्सीलन्स सेंटर की स्थापना की है. इंजीनियरिंग से संबंधित सॉफ्टवेयर तथा सेवा के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत एमएससी सॉफ्टवेयर कार्पोरेशन एवं पुणे के सिग्मा कंपनी के सहयोग से यह एक्सीलेन्स सेंटर आरंभ किया जा रहा है. कदम ने कहा कि वर्तमान में नियमित पाठयक्रम का हिस्सा न होनवाले तकनीकी ज्ञान का कौशल से छात्र अवगत हों और इंडस्ट्री की जरुरत के अनुसार रोजगारभिमुख प्रशिक्षण मिले, यह इस केन्द्र की स्थापना का मुख्य मकसद है. इससे इंडस्ट्री को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा. कुलगुरु डॉ. सुधीर गव्हाणे ने बताया कि एमजीएम विश्वविद्यालय के जेएनईसी इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम पूरे विश्व में पहुंचा हुआ है. यहां से इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल लिए हजारों छात्र देश व विदेश की बड़ी  कंपनियों, सरकारी विभागों में उच्च  पदों पर कार्यरत हैं. कइयों ने अपने स्वतंत्र उद्योग शुरु किए हैं.

इंडस्ट्री के अनुरुप कौशल प्रदान करना जरूरी

इंडो पैसिफिक सॉफ्टवेयर के एमडी श्रीधर धर्मराजन ने बताया कि वर्तमान में इंडस्ट्री में जरुरी कौशल पाठयक्रम का हिस्सा नहीं है. इसी जरुरत को ध्यान में रखकर छात्रों को इंडस्ट्री के अनुरुप कौशल प्रदान करने के मकसद से इस एक्सीलेन्स सेंटर की स्थापना की गई है. धर्मराजन ने कहा कि बड़े महानगरों की  तुलना में औरंगाबाद शहर में यह सुविधा उपलब्ध न होने को भांपकर  हमने इस केन्द्र की स्थापना की है. इस सेंटर को शुरु करने में डॉ. गीता लाटकर का भरपूर योगदान रहा है.