Differences within Mahavikas Aghadi, I accept bureaucrats as responsible for 'rift' - Ashok Chavan

    औरंगाबाद. गत 7 सालों में केन्द्र की मोदी सरकार ने आम आदमी के हित में कोई निर्णय नहीं लिए हैं। कोरोना काल में केन्द्र सरकार (Central Government) द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने से देश में लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके है। महंगाई (Inflation), नोटबंदी (Demonetisation), पेट्रोल ((Petrol) और डीजल (Diesel) के आए दिन बढ़ते दाम से जनता मोदी सरकार से उब चुकी है। यहीं कारण है कि आए दिन जनता में मोदी सरकार के खिलाफ रोष उत्पन्न हो रहा है। यह आरोप कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री अशोक चव्हाण (Public Works Minister Ashok Chavan) ने यहां लगाया।

    मोदी सरकार ने रविवार को 7 साल का कार्यकाल पूरा किया। इसको लेकर अशोक चव्हाण ने औरंगाबाद के पत्रकारों से ऑनलाइन संवाद साधा। तब उन्होंने मोदी सरकार की पोल खोली। पूर्व सीएम ने कहा कि गत 7 सालों में मोदी सरकार से देश के एक भी घटक को राहत नहीं मिल पाई। भाजपा द्वारा सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट कर दिखावा किया गया, परंतु असलियत से दूर रहकर सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट कर इतिहास नहीं बनाया जा सकता। चव्हाण ने कहा कि सत्ता पाने के लिए मोदी और शाह ने सिर्फ झूठे आश्वासन दिए। सत्ता पाकर 7 साल गुजरे, आज तक जनता के हित में जो आश्वासन  दिए थे, उनमें एक भी पूरा करने में मोदी सरकार नाकाम रही। कोरोना जैसे विश्व महामारी का मुकाबला करते समय केन्द्र सरकार ने बड़े पैमाने पर अनदेखी की। केन्द्र सरकार ने महामारी को ब्रेक लगाने के लिए क्या कदम उठाना चाहिए, इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई बार प्रकाश डालकर केन्द्र सरकार को सलाह दी। राहुल गांधी के सलाह को अनदेखी की गई। आज उसका खामियाजा जनता भूगत रही है। यूपी के नदियों में हजारों लाशें मिल रही हैं। केन्द्र सरकार के नाकामी के कारण ही आज देश के लाखों लोग महामारी से अपनी जान गंवा चुके है। महामारी में केन्द्र सरकार ने कोई कदम न उठाने के कारण ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर  भारत की बदनामी हुई है। लोगों के जीने का अधिकार तो छोड़ो, अंतिम संस्कार के भी लाले पड़ गए।

    मोदी सरकार का महाराष्ट्र के साथ भेदभाव 

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने मोदी सरकार पर महाराष्ट्र के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हाल ही में देश के कई राज्यों में तूफान ने हाहाकार मचाया। तूफान से महाराष्ट्र में भी बड़े पैमाने पर हानि पहुंची है। मोदी सरकार ने गुजरात में तूफान से हुए नुकसान में राहत के लिए 1 हजार करोड़ रुपए दिए, लेकिन महाराष्ट्र को एक रुपए की मदद नहीं की। इस पर चव्हाण ने सवाल करते हुए कहा कि मोदी देश के प्रधानमंत्री है, या सिर्फ गुजरात के?। चव्हाण ने कहा कि जबसे राज्य में महाविकास आघाडी सरकार की स्थापना हुई, तबसे मोदी सरकार महाराष्ट्र के साथ निधि वितरण में अन्याय कर रही है। कोरोना महामारी के टीकों के वितरण को लेकर भी महाराष्ट्र के साथ भेदभाव किए जाने का आरोप कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने लगाया। 

    सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों डराया जा रहा 

    चव्हाण ने कहा कि जो लोग केन्द्र सरकार की कमियां को उजागर उनके  खिलाफ आवाज उठा रहे है, उन्हें दबाया जा रहा है। कानून के आड़ में उन लोगों पर मामले दर्ज कर उन्हें जेलों में बंद किया जा रहा है। चव्हाण ने आरोप लगाया कि देश में आजादी के बाद पहली बार केन्द्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग इन 7 सालों में हुआ है। कृषि कानूनों को लेकर किसानों में खूब रोष है, इसके बावजूद मोदी सरकार ने कृषि कानूनों को  रद्द करने के लिए कोई पहल नहीं की। इससे यह साफ है कि मोदी सरकार हर क्षेत्र में विफल साबित हुई है। सरकार की इन्हीं नाकामियों से देश की जनता पूरी तरह उब चुकी है।

    गडकरी के काम की प्रशंसा 

    पूर्व सीएम ने कहा कि मोदी सरकार में एक मात्र मंत्री नितिन गडकरी है, जो महाराष्ट्र सहित पूरे देश की जनता के लिए कुछ करना चाहते है। उनका काम अन्य मंत्रियों में काफी बेहतर है।  वे महाराष्ट्र के विकास के लिए भी  राज्य सरकार को बहुत कुछ मदद करना चाहते है। हमारे राजनीतिक मतभेद गडकरी के साथ हो सकते हैं, परंतु गडकरी यानी ‘राइट मैन इन ए रांग’ पार्टी ऐसा ही कहना होगा।