Vinata Aeromobility
Vinata Aeromobility

    नई दिल्ली : विदेशों की तरह क्या आप भी चाहते थे कि अपने भी देश (India) में फ्लाइंग कार (Flying Car ) हों। अगर हां, तो आपका यह सपना जल्दी ही पूरा होने वाला है। देशवासियों के लिए एक खुशखबरी है। अब जल्द ही मेड इन इंडिया की पहली फ़्लाइंग कार लॉन्च  होने वाली है। आप ट्रैफिक की समस्या से अगर छुटकारा पाना चाहते है तो फ़्लाइंग कार ये आपके लिए एक सबसे बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। आज हम आपको इससे जुडी जानकारी दे रहे है…  

    एशिया की पहली हाइब्रिड फ्लाइंग 

    आपको बता दें की भारत में बनी यह फ़्लाइंग कार ये एशिया की पहली हाइब्रिड फ्लाइंग कार है। इस पहली हाइब्रिड फ्लाइंग कार के जरिये आप बैगेर ट्रैफिक के चंद मिनटों में अपने ऑफिस पहुंच सकते है। आपको बता दें कि इस फ्लाइंग कार का उपयोग ट्रांसपोर्ट और कार्गो के अलावा मेडिकल एमरजेंसी सर्विस के लिए भी किया जा सकता है। 

    इसको लेकर उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें एशिया के पहले हाइब्रिड फ्लाइंग के कॉन्सेप्ट के बारे में बताया गया है। इसे चेन्नई बेस्ड स्टार्टअप की यंग टीम बना रही है। 

    इस तारीख को होगी लॉन्च 

    आपको बता दें कि देश की पहली Vinata Aeromobility हाइब्रिड फ्लाइंग कार को 5 अक्टूबर को लॉन्च किया जाएगा। साथ ही Vinata Aeromobility दुनिया की सबसे बड़ी हेलिटेक प्रदर्शनी- एक्सेल, लंदन में इसे लॉन्च करने के लिए तैयार है। यह फ्लाइंग कार खूबियों से भरी हुई है। इस कार में डिजिटल इंस्ट्रूमेंट है साथ ही इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दिया गया है। 

    इससे कार की ड्राइविंग तथा फ्लाइंग और बेहतर होगी। कंपनी का यह दावा है कि ये कार बेहद शानदार है। इसका एक्सटीरियर बेहद आकर्षक है। इसमें GPS ट्रैकर भी दिया गया है। इसके साथ बोर्ड पर मनोरंजन की सुविधा भी दी गई है। कार में पैनोरमिक विंडो कैनोपी दिया गया है। इससे 360-डिग्री व्यू मिलता है। कार की वजन लगभग 1100 किलोग्राम है और ये 1300 किलोग्राम तक के वजन को लेकर टेकऑफ कर सकती है। 

    हाइब्रिड फ्लाइंग कार की खासियत 

    Vinata Aeromobility के हाइब्रिड कार को डुअल ट्रैवलर के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी स्पीड 100-120 किमी/घंटा तक जा सकती है।  मैक्सिमम फ्लाइट टाइम 60 मिनट है और ये 3,000 फीट तक ऊपर जा सकती है। ये कार बायो-फ्यूल का यूज करती है। सेफ्टी का भी इसमें काफी ख्याल रखा गया है। 

    इसमें कई मोटर्स और प्रोपेलर्स दिए गए हैं। इससे अगर एक या उससे अधिक मोटर या प्रोपेलर फेल भी होता है फिर भी ये सही-सलामत लैंड कर जाएगी।  पावर खत्म होने पर बैकअप पावर से इलेक्ट्रिसिटी मोटर को दिया जाएगा।