तुमसर में 5 दिनों का जनता कर्फ्यू

  • कोरोना संक्रमण रोकने लिया फैसला

तुमसर. शहर में बढ़ते कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने नप प्रशासन के माध्यम से  14 से 18 सितंबर तक 5 दिनों का जनता कर्फ्यू का निर्णय लिया गया है. शहर में गत कुछ दिनों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.  निकट भविष्य में इसमे अधिक उछाल आने की संभावनाओं को टाला नहीं जा सकता है. इस कारण शुक्रवार को नगराध्यक्ष प्रदीप पडोले की अध्यक्षता में बैठक हुई. जिसमें विचार-विमर्श किया गया था.

बैठक में शहर में कोरोना रोगियों  की बढ़ती संख्या की समीक्षा की गई जो पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही हैं. इस दौरान शहर में कोरोना के प्रसार को रोकने व संचार क्षेत्र को रोकने कम्युनिटी स्प्रेड के प्रसार को रोकने 14 से 18 सितंबर तक 5 दिन का जनता कर्फ्यू करने का निर्णय लिया गया. इसमे पुलिस प्रशासन से क्षेत्र के गांवों के पुलिस पाटिल व राजस्व विभाग से पटवारी को सूचना देकर शहर में जनता कर्फ्यू होने के कारण कोई भी व्यक्ति शहर में नहीं आए इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं.

इसमें नगराध्यक्ष प्रदीप पडोले, पूर्व विधायक अनिल बावनकर व अन्य  उपस्थित अतिथियों ने शहर के लोगों से ‘जनता कर्फ़्यू’ में सम्मिलित होने व इसे सफल बनाने की अपील की है.  जनता कर्फ्यू में केवल अस्पताल, मेडिकल शॉप, डेयरी व्यवसाय शुरू रहेंगे. बाहरी गांवों के दूध विक्रेताओं को सुबह 10 बजे तक दूध वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं.

सब्जी दूकाने भी रहेगी बंद
इस अवधि के दौरान अन्य सभी दूकानें, प्रतिष्ठान, फुट मार्केट, सब्जी भाजी आदि बंद रहेंगे.  आयोजकों ने  जनता से आग्रह किया गया कि, वह तब तक बाहर नहीं निकलें जब तक कि आवश्यक कार्य नहीं हो  जनता कर्फ्यू को सफल बनाने नगर परिषद व पुलिस प्रशासन की ओर से संयुक्त रुपसे कार्रवाई की जाएंगी.  बैठक में पूर्व नगराध्यक्ष एवं वर्तमान नगर सेवक अमरनाथ रागडे, पूर्व विधायक व व्यापारी एसो. के अध्यक्ष अनिल बावनकर, मुख्याधिकारी विजय देशमुख, पुलिस निरीक्षक रामेश्वर पिपरेवार, नायब तहसीलदार अशोक पाटिल, डॉ. सचिन बालबुधे, नप सभापति मेहताबसिंह ठाकुर, सलाम तुरक, कल्याणी भुरे, उषा जावले, दीपेश खंडेलवाल, हरिभाऊ समरीत, योगेश रंगवानी, शिवसेना शहर प्रमुख नितिन सेलोकर, मनीष रावलानी, दिनेश जवरानी, सुरेश माधवानी, राकेश नागापोता, राजू निखाड़े, जाकिर तुरक, बाबू फुलवधवा, राजेश चौधरी, भूषण बुधे, अंबिलडुके आदि उपस्थित थे.