हाथी रोग उन्मूलन अभियान, 1 से  डीईसी व अलबेंडाजोल की दी जाएंगी गोलियां

    भंडारा. केंद्र सरकार के कीटकजन्य रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हाथीपांव को नष्ट करने की दृष्टि से केंद्र सरकार के स्तर पर हर साल एक चिकित्सा अभियान चलाया जाता है. इस अभियान को वर्ष में निश्चित समय पर लागू किया जाता है. जिसमें सभी नागरिकों को हाथीरोग के उन्मूलन की दृष्टि से एक ही दिन डीईसी व अलबेंडाझोल दिया जाता है. इन गोलियों को मौखिक रूप से ली जाती हैं.  हर साल की तरह इस साल भी 1 जुलाई से 15 जुलाई 2021 तक जिले में चिकित्सा अभियान चलाया जाएगा. 

    11 लाख 79 हजार 386 लाभार्थी

    भंडारा जिले की कुल 12 लाख 68 हजार 153 आबादी में से गर्भवती माताओं, गंभीर रूप से बीमार मरीजों और दो साल से कम उम्र के बच्चों को छोड़कर 11 लाख 79 हजार 386 आबादी का चयन किया गया है.

    समन्वय समिति की हुई बैठक

    जिलाधिकारी संदीप कदम की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय में  28 जून को जिला समन्वय समिति की बैठक हुई. जिप मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय मुन, जिला शल्य चिकित्सक डा. आर. एस. फारुकी, जिला आरोग्य अधिकारी डा. प्रशांत उईके, जिला मलेरिया अधिकारी डा.आदिती त्याडी  और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे. 

    मन में संदेह न रखें : जिलाधिकारी

    जिलाधिकारी कदम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक जुलाई से शुरू हो रहे सार्वत्रिक एलीफेंटिएसिस दवा अभियान के तहत डीईसी का वितरण किया जाना है. गोलियों का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है. इसलिए, नागरिकों के मन में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि डीईसी उसने गोलियां लेने की बात कही. स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने की अपील की.

    फैलने के बाद कोई इलाज नही

    एक बार एलीफेंटाइसिस फैल गया तो कोई इलाज नहीं है, लेकिन एलीफेंटियासिस को रोकने के लिए डीईसी यदि गोली की केवल एक खुराक वर्ष में एक बार ‘हाथी रोग’ दिवस पर लगातार 5 वर्षों तक ली जाती है, तो हाथी का रोग नहीं होता है, इसलिए, हाथीपांव का प्रसार रुक जाता है और वैकल्पिक रूप से, हम और हमारी आने वाली पीढ़ियां हाथी से मुक्त हो सकती हैं.