Road and River in Bhandara

    • विधायक श्वेता महाले की मुख्यमंत्री से मांग

    चिखली. विदर्भ को समृद्ध बनाने वाली वैनगंगा-नलगंगा नदी संगम परियोजना में पैनगंगा पेनटाकली बांध का समावेश कर हमेशा सूखे से पीड़ित रहनेवाले दक्षिण बुलढाना, वाशिम, यवतमाल, वर्धा और चंद्रपुर जिलों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग विधायक श्वेता महाले ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में की है.

    10 जुलाई को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जल संसाधन विभाग की बैठक बुलाकर वैनगंगा से नलगंगा नदी संगम परियोजना को समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं. हालांकि पैनगंगा पेनटाकली परियोजना में पानी लाने के प्रस्ताव और सर्वे व रिपोर्ट जमा करने के बावजूद मुख्यमंत्री की ओर से जारी निर्देश में पनगंगा पेनटाकली का जिक्र नहीं है.

    वास्तव में, यदि परियोजना को वैनगंगा-नलगंगा नदी संगम परियोजना के साथ खामगांव से पेनटाकली बांध तक विस्तारित किया जाता है, तो इससे बुलढाना जिले के साथ-साथ दक्षिण बुलढाना, वाशिम, यवतमाल, वर्धा और चंद्रपुर जिलों में सूखा प्रवण क्षेत्रों को लाभ होगा. अवर सचिव जल संसाधन विभाग ने खामगांव से पेनटाकली तक अतिरिक्त सर्वेक्षण और समन्वय के लिए 16 नवंबर 2019 और 29 नवंबर 2019 को लिखित में विदर्भ सिंचाई विकास निगम को सूचित किया है.

    परियोजना रिपोर्ट राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (एनडब्ल्यूडीए) द्वारा तैयार की गई है. परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, वैनगंगा नदी का अतिरिक्त बाढ़ का पानी नागपुर-वर्धा अमरावती-अकोला-नलगंगा (तहसील मोताला, जिला बुलढाना) मार्ग पर कम से कम 40 जलाशयों में अपने जलग्रहण क्षेत्र को अधिशेष के रूप में पानी उपलब्ध कराएगा.

    यहां तक ​​​​कि अगर किसी दिए गए वर्ष में कम वर्षा होती है, तो भी जलाशय शत प्रतिशत भरा होगा. फिर भी, विदर्भ में इस एकमात्र नदी संगम परियोजना को पश्चिमी विदर्भ में केवल 40 प्रश भूमि का लाभ मिलता है जहां किसान आत्महत्या करते हैं. तथा घाट माथे पर बुलढाना-वाशिम यवतमाल-चंद्रपुर आदि की 60 प्रश भूमि इस परियोजना से वंचित है.

    पश्चिमी विदर्भ में इस अंतर को भरने के लिए इस नदी संगम परियोजना के दूसरे चरण (द्वितीय चरण) में खामगांव जिले से बुलढाना से घाट माथे तक मन और पैनगंगा नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए 47 किमी परियोजना का विस्तार किया जाना चाहिए.

    जिससे इस नदी संगम परियोजना के संभावित मार्ग पर स्थित भंडारा-नागपुर-वर्धा अमरावती-अकोला-बुलढाना-घाट माथे पर बुलढाना-वाशिम यवतमाल-चंद्रपुर के सभी जिले स्थायी रूप से समृद्ध होंगे. इसलिए वैनगंगा से नलगंगा नदी कनेक्शन परियोजना में पैनगंगा नदी कनेक्शन परियोजना को शामिल कर इसे लागू करने के निर्देश संबंधितों को देने की मांग की जा रही है.