वीर जगदेवराव मिल बंद होने की कगार पर

मलकापुर. मलकापुर सहित नांदुरा व मोतला तहसील का वैभव माने जानेवाली वीर जगदेवराव सहकारी मिल यह विगत 18 माह से बंद है. जिसके कारण मजदूरों पर भूखमरी की नौबत आयी है. लेकिन प्रशासन अनदेखी कर रहा है.

मलकापुर. मलकापुर सहित नांदुरा व मोतला तहसील का वैभव माने जानेवाली वीर जगदेवराव सहकारी मिल यह विगत 18 माह से बंद है. जिसके कारण मजदूरों पर भूखमरी की नौबत आयी है. लेकिन प्रशासन अनदेखी कर रहा है. बुलडाना जिले में घाट के नीचे वाले क्षेत्र के उक्त तीनों तहसील के किसानों की कपास को उचित दाम मिले साथ ही इस क्षेत्र के बेरोजगारों को काम मिले इस उद्देश से वीर जगदेवराव सहकारी मिल की स्थापना की गयी थी.

नेशनल हाईवे क्र.6 पर विस्तृत जगह में निर्माण सुतगिरणी कई वर्षों तक अच्छी तरीके से चली. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सुत गिरणी को ग्रहण लगा हुआ है. चोरीया, गैरव्यवहार जैसे कई मामलों में सुतगिरणी पर आंच आने की घटनाएं हो रही है. लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान देने के लिए तैयार नहीं है. हालाकी इस सुतगिरणी को खड़ा करने में कई लोगों ने अपना जीवन समर्पित किया है. विगत 18 माह से सुतगिरणी बंद होने के कारण लगभग 400 मजदूर व उनके परिजनों पर भूखमरी की नौबत आ गयी है.

मंदी के कारण देश में 70 प्रतिशत मिले बंद हो चुकी है. इस मिल की मशनरी पुरानी हो गयी है. जिसकी देखभाल और दुरुस्ती के लिए खर्च करना भी मुश्किल है. ऐसा होने पर भी किसी मिल मालिक को मिल हस्तांतरित करने संदर्भ में विचार विनिमय चल रहा है. इस में शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी और मिल फिर से शुरु होगी, यह विश्वास मिल के अध्यक्ष रामभाऊ झांबरे ने व्यक्त किया है.