बुलढाना के बाला रफीक शेख बने ‘महाराष्ट्र केसरी’

बुलढाना. जालना के आजाद मैदान में आयोजित 62 वीं महाराष्ट्र केसरी कुश्ती स्पर्धा के मुख्य मुकाबले में बुलढाना के पहलवान बाला रफीक शेख ने गत विजेता महाराष्ट्र केसरी अभिजीत कटके को पटखनी देते हुए इस

बुलढाना. जालना के आजाद मैदान में आयोजित 62 वीं महाराष्ट्र केसरी कुश्ती स्पर्धा के मुख्य मुकाबले में बुलढाना के पहलवान बाला रफीक शेख ने गत विजेता महाराष्ट्र केसरी अभिजीत कटके को पटखनी देते हुए इस साल का ‘महाराष्ट्र केसरी’ का खिताब अपने नाम किया. विजेता बाला रफीक को पुरस्कार के रूप में दो लाख रुपए नकद और चांदी की गदा दी गई. विधायक राजेश टोपे ने भी उन्हें एक लाख रुपए नकद दिए.

3 के मुकाबले 11 अंकों से जीत
बुलढाना निवासी बाला रफीक शेख और पुणे निवासी पहलवान अभिजीत कटके के बीच महाराष्ट्र केसरी के खिताब के लिए मुकाबला शुरू हुआ. कुश्ती के पहले कुछ क्षणों में जहां अभिजीत कटके ने बाला रफीक शेख पर हावी होते हुए दो अंक हासिल किए, वहीं इसके बाद रफीक शेख ने कटके को कुश्ती के हर दांव में पछाड़ते हुए दूसरे राउंड में 3 के मुकाबले 11 अंकों से जीत हासिल कर ली. 8 अंक का अंतर होने के चलते जैसे ही दूसरे राउंड में बाला रफीक शेख को विजेता घोषित किया गया. पूरे स्टेडियम में कुश्ती प्रेमियों ने जमकर जश्न मनाया.

इससे पहले कुश्ती का आरंभ विधान परिषद अध्यक्ष धनंजय मुंडे, राज्यमंत्री अर्जुन खोतकर के हाथों किया गया. कार्यक्रम में विधायक राजेश टोपे, दयानंद भक्त ने भी शिरकत की. कुश्ती आरंभ होने के पहले ही मिनट में बाला रफीक पहलवान ने अभिजीत कटके की गर्दन पर थाप लगाते हुए एकहरी पट निकाल ली, लेकिन अपनी थोड़ी-सी चूक के कारण बाला रफीक के हाथों अभिजीत कटके बच गए. इस बीच, कटके ने पूरे जोश और शिद्दत के साथ बाला रफीक पर जवाबी हमला करते हुए रफीक की पट निकालने का अधूरा प्रयास किया, जिसकी वजह से बाला रफीक डगमगा गए. इस स्थिति का लाभ उठाते हुए कटके ने रफीक को स्टेज से नीचे धक्का दे दिया जिसकी वजह से रफीक घायल होते-होते बच गए. इस हमले के कारण कटके ने अपने खाते में पहला अंक जोड़ने में कामयाबी हासिल की. लेकिन कटके से ऊंचाई में छोटे और वजन में कम बाला रफीक ने बगैर डगमगाए कटके पर जवाबी हमला करते हुए पट खींचकर उन्हें नीचे धर-दबोचा. जिसके चलते उनके खाते में 2 अंक जमा हुए. इस बीच कटके जमीन से उठने में कामयाब हो गए लेकिन उसी पल रफीक ने उन्हें फिर पकड़कर नीचे गिरा दिया.