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मुंबई. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पूंजी समर्थन दिए जाने और अर्थव्यवस्था के लिए राहत उपायों की उम्मीद में वित्तीय शेयरों में जोरदार लिवाली के चलते प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सोमवार को 1.6 प्रतिशत तक चढ़ गए। इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 592.97 अंक या 1.59 प्रतिशत बढ़कर 37,981.63 पर बंद हुआ, जबकि कारोबार के अंत में एनएसई निफ्टी 177.30 अंक या 1.60 प्रतिशत बढ़कर 11,227.55 पर पहुंच गया।

सूचकांकों में लगातार दूसरे दिन तेजी हुई। सेंसेक्स में सबसे अधिक आठ प्रतिशत की तेजी इंडसइंड बैंक में देखने को मिली। बढ़त के लिहाज से इसके बाद बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, पावरग्रिड, ओएनजीसी, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा और एमएंडएम रहे। दूसरी ओर एचयूएल, इंफोसिस और नेस्ले लाल निशान में बंद हुए।

बीएसई पावर, बैंकेक्स, ऑटो, रियल्टी, यूटिलिटी, फाइनेंस और मेटल सहित सभी क्षेत्रवार सूचकांक 3.40 प्रतिशत तक की तेजी के साथ बंद हुए। इस दौरान मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में 2.68 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई।

एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा कि प्रमुख सूचकांक भारी तेजी के साथ बंद हुए, जिसकी अगुवाई वित्तीय शेयरों ने की और उनका साथ ऑटो और फार्मा ने दिया। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों प्रोत्साहन पैकेज दिए जाने की उम्मीद के चलते इन शेयरों में लिवाली की गई।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक संकेत भी सकारात्मक थे और चीन के औद्योगिक मुनाफे के आंकड़ों ने सुधार की धारणा को बल दिया। उन्होंने कहा कि बाजार इस ने उम्मीद पर भी दाव लगाया कि सरकार अर्थव्यवस्था के लिए ताजा राहत उपायों की घोषणा कर सकती है।

कारोबारियों के अनुसार अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए होने वाली बहस से पहले वैश्विक बाजारों में खरीदारी के रुख के चलते घरेलू शेयर बाजार में भी तेजी रही। इसबीच हांगकांग, टोक्यो और सियोल के बाजार बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि शंघाई लाल रंग में था। यूरोपीय शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी थी। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 42.12 डालर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे गिरकर 73.79 के स्तर पर बंद हुआ। (एजेंसी)