प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में सबसे आगे है महाराष्ट्र, देखिए पिछले 4 सालों के आंकड़े

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मुंबई : हमारे देश में हर राज्य अब अपने अपने इलाके में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए भारी मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन कुछ राज्यों में विदेशी निवेशक अधिक जा रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों में वे जाने से हिचक रहे हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व राजस्थान जैसे बड़े प्रदेश शामिल हैं। ऐसी स्थिति में अगर देश के सभी राज्यों के आंकड़े को देखेंगे तो पता चलेगा कि हमारे देश में तीन ऐसे राज्य हैं, जहां पर सर्वाधिक मात्रा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश दिखाई दे रहा है। 

देश के तमाम आंकड़ों का अध्ययन करने वाली Statistics of  Bharat  के आंकड़ों को देखेंगे तो पता चलेगा कि विदेशी निवेशकों की ये 3 राज्य पहली पसंद होते हैं। Statistics of Bharat के द्वारा अक्टूबर 2019 से मार्च 2023 तक के आंकड़े जारी किए गए हैं। अगर आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पता चला कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मामले में देश के सभी राज्यों में महाराष्ट्र में सर्वाधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश होता है। दूसरे स्थान पर कर्नाटक तथा तीसरे स्थान पर गुजरात है, जहां पर निवेश अन्य राज्यों की अपेक्षा काफी अधिक होता है।

आप इन आंकड़ों के जरिए इस देख और समझ सकते हैं..

 

Statistics of Bharat के आंकड़ों में महाराष्ट्र 53.97 बिलियन डॉलर, वहीं कर्नाटक से 44.46 बिलियन डॉलर, साथ ही गुजरात में 31.9 बिलियन डॉलर का निवेश आया है। जबकि कई बड़े राज्य इस रेस में काफी पीछे हैं। आंकड़ों के हिसाब से चौथे स्थान पर तमिलनाडु व पांचवे स्थान पर तेलंगाना है। वहीं राजस्थान छठे, वेस्ट बंगाल सातवें व उत्तर प्रदेश आठवें स्थ्ना पर है। वहीं आंध्र प्रदेश नवें व मध्य प्रदेश 10वें स्थान पर खिसका हुआ है।

 महाराष्ट्र के  उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोले-
 हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र को देश का एक ऐसा राज्य बनाना है, जहां हर चीज की संभावनाएं सर्वोत्तम हों। चाहे कानून व्यवस्था हो या निवेश राज्य देश में नंबर है। हम इसके जरिए महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन-डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। यह सपना जल्द ही पूरा होगा। ये आंकड़े उत्साहवर्धक हैं ।

वहीं अगर उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग की रिपोर्ट को देखें तो ये आंकड़े और भी अच्छे हैं। अक्टूबर 2019 से जून 2023 तक महाराष्ट्र की स्थिति और भी बेहतर हुयी है …

क्या है प्रत्यक्ष विदेशी निवेश

FDI का अर्थ होता है प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, जिसमें कोई देश अपने देश के अलावा किसी अन्य देश में निवेश कराने के लिए प्रेरित करता है या अपने यहां ऐसा माहौल बनाता है, जिससे दूसरे देशों से प्रत्यक्ष पूंजी निवेश के रूप में आने लगे। 

इसके लिए राज्य सरकारों के द्वारा तमाम तरह की सुविधाएं व रियायतें निवेशक कंपनियों व देशों को दी जाती हैं, ताकि वे राज्य में अपनी पूंजी लगाने के लिए तैयार हो सकें।

राज्य सरकारों की तरह भारत सरकार ने भी हाल के वर्षों में कई पहल की हैं जैसे कि रक्षा, PSU तेल रिफाइनरियों, दूरसंचार, पॉवर एक्सचेंजों और स्टॉक एक्सचेंजों जैसे क्षेत्रों में FDI मानदंडों में ढील देकर विदेशी पूंजी को लाने की कोशिश की जा रही है। 

इसके साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों के साथ-साथ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत के कदम मज़बूत करने से पिछले कुछ वर्षों में FDI प्रवाह को गति मिलने लगी है।

इन देशों ने दिखायी रुचि

अगर आप देश में वित्तीय वर्ष 2022-23 के आंकड़े को देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत में 17.2 अरब डॉलर के निवेश के साथ सिंगापुर नंबर एक पर है। सिंगापुर भारत में सबसे बड़ा निवेशक है। इसके साथ ही दक्षिण पूर्व एशियाई देश मॉरीशस ने 6.1 बिलियन डॉलर का निवेश भेजा। वहीं 6 अरब डॉलर के निवेश के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका तीसरे स्थान पर रहा है।