गौरी के पीछे मुंबई आए थे शाहरुख़ खान, जाने पूरी कहानी

मुंबई, शाहरुख और गौरी खान बॉलीवुड के परफेक्ट कपल में से एक माने जाते हैं। दोनों की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। शाहरुख और गौरी की शादी को 25 अक्टूबर 2019 को 28 साल हो गए हैं। आज शाहरुख

मुंबई, शाहरुख और गौरी खान बॉलीवुड के परफेक्ट कपल में से एक माने जाते हैं। दोनों की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। शाहरुख और गौरी की शादी को 25 अक्टूबर 2019 को 28 साल हो गए हैं। आज शाहरुख खान का जन्मदिन हैं, आज इस मौके पर जानते हैं उनकी इंटरेस्टिंग लव स्टोरी के बारे में।

साल 1984 में शाहरुख और गौरी की पहली मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड की पार्टी के दौरान हुई थी। तब शाहरुख सिर्फ 18 साल के थे। शाहरुख ने पार्टी में देखा कि गौरी किसी और लड़के संग डांस कर रही हैं। लेकिन गौरी डांस करने में शरमा रहीं थीं। शाहरुख ने जब गौरी से बात की तो उन्होंने कुछ खास इंट्रेस्ट नहीं दिखाया।गौरी ने शाहरुख़ से कहा कि वो अपने ब्वॉयफ्रेंड का इंतजार कर रही हैं। गौरी की बात सुनकर उस वक्त शाहरुख का दिल टूट गया था । सच्चाई तो ये थी कि गौरी का कोई ब्वॉयफ्रेंड नहीं था और उन्होंने झूठ बोला था। ये बात शाहरुख ने अपने एक इंटरव्यू में बताई थी।

उसके बाद शाहरुख़ का गौरी खान के साथ प्रेम परवान पर था। गौरी के पिता को यह बात पता चली, उसके बाद उन्होंने गौरी खान को चुपचाप मुंबई अपने एक रिश्तेदार के यहां भेज दिया।शाहरुख खान को जब यह बात पता चली तो वह गौरी के पीछे-पीछे मुंबई आ गए। शाहरुख की मां ने शाहरूख के हाथ में 10 हजार रूपए रखकर कहा कि जाओ मेरी बहू लेकर आओ। शाहरुख अपने एक दोस्त के साथ मुंबई पहुंचे। वह दोनों मुंबई में रह रहे एक कॉमन फ्रेंड रमन मुखर्जी के घर रुके। शाहरुख सुबह से शाम तक गौरी को यहां-वहां ढूढ़ते। उन्हें कोई भी आइडिया नहीं था कि गौरी के उस रिश्तेदार का घर मुंबई के किस इलाके में है।

शाहरुख को यह बात पता थी कि गौरी खान को समुद्र का किनारा बहुत पसंद है। इसलिए वह दिन भर में दो-तीन बार समुद्र के किनारे जरूर पहुंचते। उन्हें विश्वास था कि गौरी एक दिन उन्हें इसी संमदर के पास मिलेंगी।वह समंदर किनारे घूम रहे लोगों को गौरी खान की तस्वीरे दिखाते फिर रहे थे। ऐसा वह मुंबई के हर बीच पर करते। आखिरकार शाहरुख की मेहनत रंग आयी । कई दिनों तक ढूंढ़ने के बाद शाहरुख को गौरी एक बीच पर मिलीं।दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया लेकिन यह इतना भी आसान नहीं था।

शाहरुख मुस्लिम थे और गौरी हिंदू ब्राह्मण परिवार से थीं। ऐसे में गौरी के माता-पिता को मनाना काफी मुश्किल था। इसके अलावा शाहरुख उस वक्त फिल्मों के लिए स्ट्रगल कर रहे थे। शाहरुख जब गौरी के माता-पिता से मिले तो उन्होंने खुद को हिंदू बताया। यही नहीं उन्होंने अपना नाम भी बदल लिया था। आखिरकार शाहरुख गौरी के माता-पिता को मनाने में कामयाब रहे और 25 अक्टूबर 1991 में दोनों की शादी हो गई।