नेरी-सोनेगांव मार्ग: पुल का निर्माण बना स्वप्न

शंकरपुर. नेरी-सोनेगांव पेठ मार्ग पर उमा नदी है, मात्र नदी पर पुल नहीं होने से किसानों को आवागमन में काफी अडचनों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही पुल के अभाव में 4 किमी का फेरा मारकर चिमूर तहसील मुख्यालय पहुंचना पड़ रहाहै.

नेरी-सोनेगांव-चिमूर हाईवे अत्यंत महत्वपूर्ण और तहसील को कम दूरी पर जोडनेवाला मार्ग है. चिमूर की प्रख्यात घोड़ा यात्रा में पैदल जानेवाले मार्ग के रूप में इसकी पहचान है. इस मार्ग पर स्थित उमा नदी पर पुल का निर्माण हो इसके लिए अनेक वर्षों से मांग की जा रही थी. इसके चलते उक्त उचित मांग पर विचार कर सोनेगांव से नेरी, उमा नदी पर पुल एवं पुल से नेरी के बाजार चौक तक रास्ता मंजूर करने की घोषणा राजनेताओं ने की. इसमें सोनेगांव नेरी रास्ते के काम की अच्छी शुरूआत होकर रास्ते का निर्माणकार्य हुआ. नदी से बाजार चौक तक भी रास्ता बनाया गया. मात्र अब तक उमा नदी पर पुल नही बनाया गया है. यहां पुल का निर्माण दिवास्वप्न बनकर ना रह जाए ऐसी जनता के बीच प्रतिक्रिया है.

इससे पूर्व इस नदी के पानी के प्रवाह में जानवर समेत इंसान के बह जाने की घटनाएं हो चुकी है. पुल नहीं होने के बावजूद लोग जान पर खेलकर नदी पार करते है. मात्र प्रशासन इस मामले में किसी तरह से गंभीर नहीं है. इसलिए जनप्रतिनिधि इस संबंध में विशेषकर ध्यान देकर पुल के निर्माण पर ध्यान दें ऐसी जनता की मांग है.