समस्या: पेयजल के लिए करनी पड़ रही नींद खराब, महाकालीनगर झोपड़पट्टी में जलसंकट

    चंद्रपुर. महाकालीनगर झोपड़पट्टीवासी महाकाली मंदिर वार्ड के नागरिकों को कई दिनों से पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है. रात करीब 3 बजे नलयोजना से जलापूर्ति की जाती है. जिसके लिए रात को जागरण करना पड़ता है. इसके अलावा एक दिन के अंतराल में पेयजल आपूर्ति हो रही है. कुछ नलों में तो बूंद भर पानी नहीं आ रहा है. पेयजल संकट से जूझ रहे महाकालीनगर वासियों ने मनपा प्रशासन को ज्ञापन देकर जलापूर्ति सुचारू करने की मांग की है.

    1 दिन बाद रात में जलापूर्ति

    ज्ञापन में नागरिकों ने बताया कि क्षेत्र में सभी नागरिक आर्थिक रूप से काफी कमजोर है. मेहनतकश लोगों की बस्ती है. दिन भर मेहनत करने के बाद ही उनके लिए भोजन पानी की व्यवस्था हो पाती है. मेहनत कर कमाकर नहीं लाने पर उनके घरों का चूल्हा तक नहीं जलता है. थके मांदे घर लौटने के बाद रात को नींद खराब कर पेयजल आपूर्ति की प्रतीक्षा करनी पड़ती है.

    इससे उनके स्वास्थ्य पर काफी परिणाम हो रहा है. एक दिन के अंतराल में नलयोजना से जलापूर्ति हो रही है. यहां कुल मिलाकर 18 घरेलू नल कनेक्शन हैं. केवल चुनिंदा लोगों के यहां ही नलों से पानी आता है. कुछ नलों से बूंद भर भी पानी नहीं आता है. पानी का फोर्स भी काफी कम होता है. इससे सभी परेशान है.

    सुबह करें पेयजल आपूर्ति

    स्थानीय लोगों की मांग है कि उनके नल कनेक्शन को अन्य दूसरी पाइप लाइन से जोड़ा जाएं. पेयजल आपूर्ति सुबह 6 बजे से लेकर 7 या शाम 6 बजे से लेकर 7 बजे तक की जानी चाहिए. नल योजना से भरपूर और पर्याप्त पानी देने, घरों में नलयोजना से जलापूर्ति कम से कम 2 से ढाई घंटे तक शुरू रखने की मांगें की गईं.

    ज्ञापन सौंपने वालों में कोमल अनंतवार, माणिकराम मंडिये, प्रेमिला काले, अभिषेक मेकल, क्रिष्णा वाघाडे, तृप्ति नेवारे, पुष्पा निमगड़े, उमा दुर्गे, सुनीता सोनकुसरे, प्रेमिला दुर्गे, पायल मेश्राम, हेमलता सहारे, सुलोचना मोहुर्ले, सुलोचना शेंडे, सिंधु उईके, शांता तोटापल्लीवार, लच्छी बेडेकर, जया उके, पी.एम. बेडेकर आदि का समावेश था.